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शबाना के जज्बे को सलाम: गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता, पिता का सपना किया पूरा, शहर में दौड़ी खुशी की लहर

Tue, 23 Apr 2024 07:52 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli News : शामली की शबाना के जज्बे को सलाम करना बनता है। शबाना ने जापान में हुई राष्ट्रीय पैरा कैनो एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता है। शबाना की इस उपलब्धि से पूरे शहर में खुशी की लहर है।
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शबाना ने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो किसी भी मंजिल को आसानी से पाया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है शामली शहर के बुढ़ा बाबू नो कुआ रोड की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा कैनो खिलाड़ी शबाना ने। शबाना ने हाल ही में जापान में हुई राष्ट्रीय पैरा कैनो एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल कर शामली का नाम राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। अब शबाना आगामी 10 मई से हंगरी में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेंगी।

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पिता का था सपना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल हासिल करें शबाना
शबाना ने बताया कि उसके पिता शकील अहमद थे। वे खेल को पहले से ही काफी पसंद करते थे। उसके एक पैर में पोलियो के लक्ष्ण हैं। जिस पर पिता ने पैरा कैनो खेल में हाथ आजमाने की सलाह मुझे दी थी। पिता खेल में पूरा सहयोग करते थे, मगर कोरोना काल के दौरान बीमारी के बाद पिता अल्लाहताआला को प्यारे हो गए। मां आमना बेगम ने मुझे संभाला। पिता की मौत के बाद खेल को छोड़ना चाह रही थी, मगर मां ने हिम्मत बढ़ाते हुए भोपाल में प्रैक्टट्स कराई। जिसका परिणाम यह हुआ कि अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो और राष्ट्रीय स्तर पर चार मेडल हासिल कर शबाना देश का नाम रोशन कर चुकी हैं।

शबाना ने बताया कि आगामी 10 मई से हंगरी में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मेरा चयन कर लिया गया है। शबाना ने कहा कि वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी देश की झोली में गोल्ड मेडल डालना ही लक्ष्य है। प्रयास रहेगा कि गोल्ड लाकर देश का मान बढाऊं।

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सीएम ने किया था सम्मानित
शबाना ने वर्ष 2024 में चाइना में हुई एशियन गेम्स में भाग लिया था। हालांकि, कोई मेडल उस समय नहीं आया था। लौटने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया था। इसके अलावा पीएम नरेंद्र मोदी ने भी खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाया था। शबाना अब भोपाल में रहकर प्रैक्टिस कर रही हैं। कहा कि उनके अभी तक के सफर में चीफ कोच मयंक ठाकुर और असिस्टेंट कोच अनल राठी, रिकू, नाजिस मंसूरी हैं, जिनकी बदौलत आज इस मुकाम पर हूं।

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हौंसला नहीं तोड़ना चाहिए
शबाना ने बताया कि जो दिव्यांग खिलाड़ी हैं, उन्हें हौंसला नहीं हारना चाहिए। मेहनत करते रहना चाहिए, एक दिन सफलता अवश्य हाथ लगती है। हारने में ही जीत छिपी होती है। हारने का मतलब होता है कि और अधिक मेहनत करो और सफलता पाओ। हारने पर किसी को निराश नहीं होना चाहिए।
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शबाना की उपलब्धियां
2023 में भोपाल में हुई राष्ट्रीय पैरा कैनो चैंपियनशिप में दो रजत पदक
2024 में राष्ट्रीय पैरा कैनो चैंपियनशिप में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल
2024 में जापान में हुई एश्यिन चैंपिनशिप में एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल
2024 में ही चाइना में एश्यिन गेम्स में भाग लिया था
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