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विदेशों में धूम मचा रहे शामली के उत्पाद

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शामली कैरियर व्हिल्स फैक्टरी में कार्य करते कर्मचारी - फोटो : SHAMLI
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विदेशों में धूम मचा रहे शामली के उत्पाद
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शामली। कोरोना की पहली और दूसरी लहर का असर जहां देशभर में औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ा और उनकी चाल सुस्त पड़ी, वहीं शामली के उद्यमियों ने औद्योगिक विकास की तेजी के मामले में एक मिसाल कायम की है। निर्यात के क्षेत्र में जिले की नई पहचान बन रही है। अमेरिका, यूरोप, बांग्लादेश, दुबई, इंग्लैंड आदि देशों में यहां के उत्पादों को निर्यात किया जा रहा है। निर्यात भी 50 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
पिछले पांच सालों में करीब 40 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई। पेपर, रिम-धुरा, माचिस, प्रिंट, फोम के गद्दे, चम्मच, पैकिंग बॉक्स, एल्युमीनियम के उत्पाद, गैस के चूल्हे का कारोबार बढ़ा। जिले के वरिष्ठ उद्यमी अशोक बंसल, अशोक मित्तल, आलोक जैन का कहना है कि वर्ष 2016-17 में जिले में करीब सौ औद्योगिक इकाई थीं। इनका मात्र 40-50 करोड़ रुपये का निर्यात होता था। पिछले पांच सालों में 30-40 से ज्यादा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई है। जिला मुख्यालय पर 150 औद्योगिक इकाइयां हैं। निर्यात सौ करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त परम हंस मौर्य का कहना है कि पिछले पांच सालों में औद्योगिक इकाईयों में इजाफा हुआ है। यहां का टर्नओवर भी दोगुना हुआ है।
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कैराना तक विकसित हो गया शामली का औद्योगिक क्षेत्र
शहर के कैराना रोड पर कंडेला के आसपास वर्ष 1983 में जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुआ था। 37 सालों में औद्योगिक क्षेत्र कैराना रोड, मुजफ्फरनगर रोड, दिल्ली रोड, पूर्वी यमुना नहर करमूखेड़ी से लेकर कंडे़ला, शेखपुरा, जगनपुर, ऐरटी, जगनपुर से लेकर कैराना सीमा तक औद्योगिक इकाइयां संचालित है।
दस से ज्यादा देशों में हो रहा निर्यात
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज गर्ग का कहना है कि पिछले पांच सालों में जिले में औद्योगिक इकाइयों में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2017 में 100 औद्योगिक इकाइयों से बढ़कर 150 औद्योगिक इकाई पहुंच गई है। ओडीओपी योजना में रिम-धुरा, पेपर, गैस के चूल्हे आदि औद्योगिक इकाइयों को लाभ पहुंचा है। उनके यहां तैयार उत्पाद माचिस व दूसरे उत्पाद अमेरिका, घाना, केन्या, यूरोप, इंग्लैंड आदि देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। उद्यमी आलोक जैन का कहना है कि उनके तैयार किया गया ट्रैक्टर का रिम अमेरिका, यूरोप के देशों में निर्यात किया जा रहा है।
युवा भी दे रहे उद्योगों को बढ़ावा
साइमा के चेयरमैन अंकित गोयल का कहना है कि वर्ष 2019 में लखनऊ समिट में शामली के उद्यमियों को छूट दिए जाने के बाद 400 करोड़ रुपये निवेश समिट किया गया था। जिले की उद्यमियों की युवा टीम भी उद्योगों को बढ़ावा दे रही है।
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औद्योगिक विकास और निर्यात का हब बनेगा शामली
कैराना पहले गुंडागर्दी, पलायन, नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकी गतिविधियों के लिए जाना जाता था। भाजपा सरकार में कैराना औद्योगिक विकास-समृद्धि और निर्यात के हब रुप में विकसित हो रहा है। - सुरेश राणा, गन्ना मंत्री।
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