फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दस साल से तरक्की की राह पर शामली

विज्ञापन
शामली हनुमान धाम फाइल फोटो - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
दस साल से तरक्की की राह पर शामली
विज्ञापन

शामली। शामली तरक्की के रास्ते पर अनवरत अग्रसर है। वर्ष 2011 में आज ही के दिन यानी 28 सितंबर को शामली जिले की स्थापना हुई थी। जिसके बाद इस महाभारत कालीन नगरी की सूरत बदलती चली गई। कई उतार-चढ़ाव के बीच जिले ने प्रदेश में अलग मुकाम हासिल किया है। अब यहां तेजी से विकास हो रहा है। सड़कों और हाईवे का जाल बिछ रहा है। एनसीआर में शामिल होने के बाद भविष्य में शामली के विकास को पंख लगेंगे, यह भी तय है।
मुजफ्फरनगर जिले की तहसील होने के दौरान शामली शहर काफी उपेक्षित रहा। सड़कों और हाईवे की हालत भी बेहद खराब थी, लेकिन 2011 में जिला बनने के बाद शहर का स्वरूप बदलने लगा। नगर पालिका की सीमा बढ़ने से शहर का दायरा भी बढ़ा और विकास कार्य हुए। गोहरनी में पूर्वी यमुना नहर के किनारे निर्मित विकास भवन में कई सरकारी दफ्तर शिफ्ट हुए। इसके अलावा जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय का निर्माण हुआ। कलक्ट्रेट के नए भवन का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसे दिसंबर तक पूरा करने की योजना है। इसके बाद तहसील भवन में चल रहा कलक्ट्रेट शिफ्ट हो जाएगा। जिले में निर्माणाधीन और प्रस्तावित पांच हाईवे तरक्की की नई इबारत लिखने में काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे।
विज्ञापन

उद्योगों के साथ निर्यात भी बढ़ा
जिले में उद्योग क्षेत्र में भी कई परिवर्तन आए। यहां का रिम धुरा उद्योग लगातार तरक्की करता रहा। अन्य उद्योग भी बढ़े, जिसके साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिला। फिलहाल शामली जिले का एक्सपोर्ट 100 करोड़ से अधिक का है। यहां 150 औद्योगिक इकाईयां संचालित हैं। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। करीब डेढ़ साल कोरोना ने कारोबार को प्रभावित किया, लेकिन एक बार फिर से इसने रफ्तार पकड़ ली है।
विज्ञापन

पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे कार्य
जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कई कार्य हो रहे हैं। आस्था का केंद्र शहर के प्रसिद्ध हनुमान धाम का नक्शा बदल गया है। मंदिर के अध्यक्ष सलिल द्विवेदी कहते हैं कि साल पहले यहां मुख्य मंदिर के अलावा कुछ ही छोटे मंदिर थे, लेकिन आज यहां बड़ा पार्क, फव्वारा, के अलावा कई मंदिर बने हैं। महाभारत कालीन मान्यता के कारण इसे महाभारत कालीन पत्थरों की तरह लुक दिया जा रह है। इसके अलावा गंदेवड़ा संगम को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित किए जाने की तैयारी है। इस्सोपुरटील में भी कार्य कराया जा रहा है।
ये निर्माण कार्य चल रहे हैं
- कलक्ट्रेट का नया भवन
- एआरटीओ कार्यालय
- जिला पंचायत कार्यालय
- मेरठ-करनाल हाईवे
- पानीपत-खटीमा हाईवे
- दिल्ली-सहारनपुर हाईवे
- बंतीखेड़ा में 400 एमवी का बिजलीघर
- बिड़ौली में यमुना नदी पर एक किमी लंबा पुल
आने वाले समय में होंगे ये विकास कार्य
- दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर
- अंबाला-शामली हाईवे
- पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण
- पीएसी बटालियन कैंप व फायरिंग रेंज
- थानाभवन में 42 करोड़ की लागत से स्टेडियम
- पुलिस लाइन का निर्माण
- कलक्ट्रेट के निकट जिला न्यायालय का निर्माण
- फतेहपुर में बस अड्डे का निर्माण
जिला एक नजर में
लोस सीट 1
विस सीट 3
तहसील 3
विकास खंड 5
नगर पालिका 3
नगर पंचायत 7
न्याय पंचायत 37
ग्राम पंचायत 230
राजस्व ग्राम 320
थाने 11
डाकघर 103
बैंक शाखा 134
प्रा. विद्यालय 1071
उ.प्रा.विद्यालय 425
मा. विद्यालय 91
महाविद्यालय 06
स्नातकोत्तर महाविद्यालय 04
चीनी मिलें 3
औद्योगिक इकाई 150

शामली कलक्ट्रेट- फोटो : SHAMLI

शामली जिला अस्पताल- फोटो : SHAMLI

शामली रेलवे स्टेशन- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें