गांव लिलौन में 5 जुलाई की रात रविंद्र के घर के बाहर गौतम और विनीत उर्फ सोनी के बीच गाली-गलौज हो गई थी। रविंद्र ने विरोध किया तो फिर दोनों उसके साथ ही गालीगलौज करने लगे। साथ ही तमंचे से फायर भी कर दिया, जिसमें वह बाल-बाल बचा। इसी मामले में पुलिस ने गौतम को मुठभेड़ में पकड़ लिया।
सिम्भालका अंडरपास के नीचे चेकिंग के दौरान पुलिस और 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौतम के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से तमंचा, चार कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
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सीओ सिटी जितेंद्र कुमार ने बताया कि 5 जुलाई की रात लिलौन निवासी रविंद्र कुमार के घर के बाहर गौतम और विनीत उर्फ सोनी गाली-गलौज कर रहे थे। रविंद्र के विरोध करने पर दोनों ने उस पर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायरिंग की थी। मामले में कोतवाली शामली में प्रााथमिकी दर्ज है। पुलिस ने विनीत उर्फ सोनी को उसी दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि गौतम वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
सोमवार देर रात पुलिस सिम्भालका अंडरपास के नीचे चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मेरठ की ओर से मोटरसाइकिल पर आए युवक को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। पुलिस के अनुसार, युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और बलवा चौराहे की ओर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो वह मुख्य मार्ग छोड़कर बलवा गांव की ओर जाने वाले चकरोड़ पर मुड़ गया। पीछा करने के दौरान मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई। इसके बाद आरोपी ने दोबारा पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे मौके से पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान गौतम निवासी लिलौन के रूप में हुई। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र गौतम, उपनिरीक्षक मुकेश दिनकर, उपनिरीक्षक बिजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल मुकेश चपराणा, राहुल, सुरेशपाल, गौरव, कांस्टेबल रोहित और रिजर्व कांस्टेबल वीरेंद्र शामिल रहे।
आरोपी पर 13 मुकदमे दर्ज
पुलिस के अनुसार, 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी गौतम के खिलाफ शामली जिले के विभिन्न थानों में हत्या, जानलेवा हमला, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट समेत 13 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें दो हत्या के मुकदमे, दो आर्म्स एक्ट, एक गैंगस्टर एक्ट और एक एनडीपीएस एक्ट का मामला शामिल है। वर्ष 2009 से उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होते रहे हैं।