ठेकेदार ने उसे वहां के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एंबुलेंस से रात करीब एक बजे शव उसके घर लाया गया। ठेकेदार ने परिजनों को मेडिकल रिपोर्ट सौंपते हुए हार्ट अटैक से मौत होना बताया। इसके बाद ठेकेदार सुबह आने की बात कहकर वहां से चला गया।
शनिवार सुबह जब ठेकेदार नहीं पहुंचा तो परिजनों में रोष फैल गया और उन्होंने हंगामा करते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
परिजनों व ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। करीब दो घंटे बाद एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार उमेश त्यागी गांव में पहुंचे और परिजनों से वार्ता की।
नायब तहसीलदार ने परिजनों को आश्वासन दिया कि प्रशासनिक स्तर पर हर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर में शव का गमगीन माहौल अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस का कहना है कि शव मेडिकल रिपोर्ट में मृतक की मौत का कारण हार्ट अटैक लिखा हु़आ है, इस कारण शव का पोस्टमार्टम की आवश्यकता नहीं थी। समझाने पर परिजन मान गए। इस मामले में पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।
परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा
मृतक अमरपाल परिवार में अकेला कमाने वाला था। वह परिवार का पालन पोषण कर था। मृतक के चार छोटे बच्चे हैं। उनके सामने रोजी रोटी का संकट बन गया है। मृतक की पत्नी ने अधिकारियों से मदद दिलाने की मांग की। अमरपाल की मौत पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना रहा।