कैराना में प्रसन्नचित्त मुद्रा में कोर्ट से बाहर आते विधायक नाहिद हसन।
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2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान शामली में जनसभा के दौरान सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन ने नरेंद्र मोदी व बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में दोषी पाए जाने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा ने नाहिद हसन पर 100 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक माह का कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नाहिद हसन ने कैराना लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया था। 28 मार्च 2014 को शामली के आजाद चौक पर कार्यालय के उद्घाटन के दौरान नाहिद हसन ने मायावती व नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। इसके अगले दिन 29 मार्च को एसआई दीक्षित त्यागी ने कोतवाली पर नाहिद हसन के विरुद्ध आईपीसी की धारा 171 (छ) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
उक्त मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा की अदालत में चल रही थी। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाह पेश किए गए। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सजा सुनाई।
सुनवाई को 129 तारीखें लगी
उक्त मुकदमे में कोर्ट में कुल 129 तारीख लगने के बाद बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया गया। सवा बजे विधायक नाहिद हसन अपने समर्थकों के साथ अदालत पहुंचे। न्यायाधीश द्वारा शाम चार बजे फैसला सुनाने के बाद विधायक अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गए। वहीं फैसले के समय कोर्ट में अधिवक्ताओं की भीड़ जमा रही।
कचहरी परिसर बना रहा छावनी
सपा विधायक नाहिद हसन के समर्थकों की भीड़ व सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी परिसर को छावनी बनाया गया था। कचहरी के दोनों गेटों पर पुलिस कर्मी तलाशी के बाद ही वादकारियों को अंदर जाने दे रहे थे। इसके अलावा डॉग स्क्वायड ने भी कचहरी परिसर में सघन चेकिंग की।