शामली न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली बाइक चोरी होने पर क्लेम न देने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने बीमा कंपनी पर 48178 रुपये जुर्माना देने का आदेश सुनाया है।
शहर के देवयोग एन्क्लेव निवासी विनेश त्यागी ने आयोग में छह सितंबर 2022 को आईसीआईसीआई लॉबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मुंबई के प्रबंधक, क्लेम मैनेजर शरद शर्मा, इन्वेस्टिगेटर कंपनी कार्यालय दिल्ली के एनके सिंघल और आईसीसी शाखा आशा ऑटो एजेंसी के अभिकर्ता अंकुर कुमार के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी ने बताया कि उसकी बाइक 28 अक्तूबर 2021 को कलक्ट्रेट परिसर से चोरी हो गई थी।
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इसकी सूचना आदर्श मंडी थाने पर उसी दिन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बाइक का बीमा आईईसीसी शाखा आशा ऑटो एजेंसी के अभिकर्ता अंकुर कुमार से कराया था और प्रत्येक वर्ष की किस्त समय पर जमा की जाती रही।
इसकी जानकारी विधिवत तरीके से इन्वेस्टिगेटर कंपनी कार्यालय दिल्ली को दी गई थी। बीमा कंपनी को सभी कागज उपलब्ध कराए गए। परिवादी का आरोप है कि इन्वेस्टिगेटर ने क्लेम पास कराने के लिए दस हजार रुपये की मांग की, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इसके बाद बीमा क्लेम नहीं दिया गया।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को आदेशित किया कि वह परिवादी को चोरी हुई बाइक के संबंध में बीमा पॉलिसी में वर्णित आईडीवी धनराशि 28178 रुपये, बीमा क्लेम निरस्त किए जाने की तिथि से अंतिम भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ व बीमा कंपनी के कृत्यों से परिवादी को हुई क्षति की क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार रुपये और परिवाद व्यय पांच हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।
इसके साथ ही बीमा कंपनी द्वारा की गई सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए उस पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया । बीमा कंपनी को इस आदेश का अनुपालन 45 दिन के अंदर न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।