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शामली: पालेराम की हत्या में पिता, दो पुत्रों समेत चार को उम्रकैद, वारदात के चश्मदीद विनोद को भी मार दिया था

Mon, 24 Aug 2026 05:52 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

गांव लांक में मजदूर पालेराम की फावडे़ से काटकर हत्या कर दी गई थी। शव को ठिकाने लगाते हुए गांव के ही विनोद ने देख लिया था, तो उसे भी मार दिया था। विनोद की हत्या में कृष्णपाल और उसके बेटे विवेक व विशांत को आजीवन कारावास की सजा पहले ही सुनाई जा चुकी है। 
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पालेराम की फाइल फोटो और जेल जाते चारों हत्यारे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शामली के गांव लांक में तीन जनवरी 2022 को मजदूर पालेराम (50) की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ऋतु नागर ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हत्यारे कृष्णपाल और उसके दो बेटों विवेक उर्फ केकड़ा तथा विशांत और एक अन्य अमित निवासी गांव लांक को आजीवन कारावास की सजा दी है। दोषियों पर 1.20 लाख अर्थदंड भी लगाया है। 
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केस में पैरवी करने वाली पालेराम की पत्नी समुद्री और बेटा संजीव। - फोटो : अमर उजाला
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुंडीर ने बताया कि 3 जनवरी 2022 की शाम करीब 5:30 बजे शामली कोतवाली के गांव लांक में विवेक उर्फ केकड़ा गांव के ही मजदूर पाले राम को अपने घर बुलाकर ले गया था। इस दौरान कहासुनी होने पर तीनों ने पालेराम की फावडे़ से काटकर हत्या कर दी और शव को बोरी में बंद करके साइकिल पर रखकर तालाब के पास छुपा दिया। 
 

इस दौरान गांव के ही विनोद में पालेराम के शव को छुपाते हुए देख लिया था। मुजरिमों ने पालेराम की हत्या के करीब दो घंटे बाद हत्या के चश्मदीद विनोद की भी फावडे़ से काटकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक पाले राम के बेटे संदीप ने शामली कोतवाली पर कृष्ण पाल और उसके बेटे विवेक उर्फ केकड़ा, विशांत और एक अन्य अमित निवासी गांव लांक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 
 

पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, दाव और साइकिल बरामद कर ली थी। हत्यारों के मकान के कमरे में मृतक के खून के छींटे भी मिले थे। 28 मार्च 2022 को पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। मुकदमे में वादी पक्ष के अधिवक्ता कुरबान चौधरी और शबनम चौधरी की ओर से पैरवी की गई। 
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सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ऋतु नागर ने दोष सिद्ध पाए जाने पर कृष्ण पाल और उसके दो बेटों विवेक उर्फ केकड़ा व विशांत तथा अमित को आजीवन कारावास और 1.2 लाख रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई।

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