बिजनौर में धामपुर के निकट शेरकोट हाईवे पर रविवार रात को सड़क दुर्घटना में मारे गए गांव टपराना निवासी लियाकत और कांधला निवासी तनवीर के शव उनके घर पहुंचे। शव देखकर दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सोमवार देर शाम दोनों के शवों को गमगीन माहौल में सुपुर्दे खाक किया गया। उधर, लियाकत के शव को देखकर उसकी छोटी बहन की सदमे में मौत हो गई।
गांव टपराना निवासी अविवाहित लियाकत(43) उर्फ शूटर ट्रक पर क्लीनर था। वह अपनी बीमार छोटी बहन फरजाना को देखने के लिए घर आ रहा था, लेकिन रास्ते में हादसे का शिकार हो गया। उसका शव घर पहुंचा तो उसके कुछ देर बाद ही उसकी बहन 27 साल की फरजाना की सदमे में मौत हो गई।
अचानक ही उसे अटैक आने की बात कहीं जा रही है। परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ समय से फरजाना बीमार भी चल रही थी। परिजनों के मुताबिक लियाकत तीन भाई व सात बहनों में सातवें नंबर का था। देर शाम परिजनों ने शव को सुुपुर्दे खाक कर दिया।
उधर, कांधला के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी तनवीर(35) उत्तराखंड के किच्छा मे ट्रांसपोर्ट का कार्य करता था। पिछले कई दिन से कार्य के सिलसिले से बिजनौर में रह रहा था। पिता फहीम ने बताया कि रविवार की शाम को तनवीर कार से अपने साथी लियाकत निवासी टपराना व नौशाद व मकसूर के साथ उत्तराखंड किच्छा से कांधला लौट रहे थें।
तनवीर की मौत के बाद परिवार में पिता, चार भाई, दो बहन, पत्नी सादमा व दो बेटे और एक बेटी हैं। रविवार को उसका शव कांधला पहुंचा। उसकी मौत से घर पर मातम पसरा है। मोहल्ले के लोगों के साथ परिवार, रिश्तेदार और कस्बे के लोगों ने घर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। शाम को परिजनों ने गमगीन माहौल में मृतक के शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया।
टपराना में एक दिन में तीन मौत से छाया शोक
झिंझाना गांव टपराना में मृतक लियाकत के घर के सामने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाबू खान के 15 माह के पौत्र अनस की भी हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह कईं दिन से बीमार था। तनवीर, उसकी बहन और बच्चे की मौत होने से गांव में शोक छाया हुआ है और परिजनों में गम का माहौल है।