सुपुर्द-ए-खाक करके लौटते ही मिली मौत की खबर
गांव के ही कब्रिस्तान में गुलफसा के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर परिजन और ग्रामीण वापस लौट रहे थे। इसी बीच अचानक उसके भाई जावेद की मौत की सूचना मिली। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। हर किसी ने कहा कि अल्लाह ने परिवार पर कहर बरपा दिया। गुलफसा आठ भाई और बहन थे। इनमें पांच बहन और तीन भाई शामिल हैं।
चार सितंबर को आनी थी बरात, खरीदे थे नए कपड़े
गुलफसा की बहन आसामीन की चार सितंबर को शादी थी। बागपत के सिंघावली अहीर गांव से बरात आनी थी। परिजनों ने बताया कि शादी के लिए आसमीन और जावेद के नए कपड़े भी मंगवाए थे। दोनों शादी में मौज मस्ती करने की बात कह रहे थे। प्रतिदिन शाम के समय नए कपड़े भी परिजनों को दिखाते थे। अब मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।