किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले को सात साल की सजा
कैराना (शामली)। दुराचार के मुकदमे में जेल से जमानत पर आए आरोपी ने पीड़ित किशोरी के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किए और 20 हजार रुनये की मांग करते हुए दोबारा संबंध बनाने का दबाव बनाया। छेड़छाड़ व फोटो वायरल करने के मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने मुजरिम उमेश को सात साल की सजा और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजन पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि 2020 में झिंझाना क्षेत्र के एक गांव की 17 वर्षीय किशोरी को गांव बीबीपुर जलालाबाद थाना झिंझाना निवासी उमेश सहारनपुर जिले के थाना रामपुर मनिहारन के गांव में ले गया था। जहां उसने किशोरी के साथ दुराचार किया था। जिसका मुकदमा किशोरी के मामा ने रामपुर मनिहारन थाने पर दर्ज कराया था, जो सहारनपुर कोर्ट में विचाराधीन है। उमेश फरवरी 2021 में जमानत पर जेल से बाहर आ गया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने पीड़िता के साथ फिर छेड़छाड़ की और उसके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। किशोरी ने विरोध किया तो उससे 20 हजार रुपये की मांग करते हुए दोबारा संबंध बनाने का दबाव बनाया। इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी। जिस पर किशोरी के पिता ने 23 जून 2021 को झिंझाना थाने पर छेड़छाड़, फोटो वायरल करने, 20 हजार की रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
झिंझाना पुलिस ने उमेश को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई कैराना स्थित अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) में चल रही थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की और से छह गवाह पेश किए गए। मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने उमेश निवासी गांव बीबीपुर जलालाबाद थाना झिंझाना को सात साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सुजा सुनाई। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। उमेश पर सहारनपुर कोर्ट में दुराचार का मुकदमा विचाराधीन है।