शामली। बाहर से दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों को स्क्रीनिंग के बाद एंट्री दी जाएगी। बाहर से आने वाले लोगों को रोकने के लिए स्कूल-कालेजों को रैन बसेरा बनाया गया है। स्क्रीनिंग के बाद उन्हें घर भेजा जाएगा।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, मेरठ समेत गैर राज्यों व जनपद में काम करने वाले जिले के लोग लॉकडाउन के बाद बॉर्डर पर फंसे हुए हैं। इन लोगों का अब जिले में पहुंचना शुरू हो गया है। प्रशासन ने जिले में कोराना संक्रमण से बचाव के लिए इन्हें जिले की सीमा पर ही रोककर उनकी स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था की गई है। सीएमओ डा. संजय भटनागर ने बताया कि दिल्ली लोनी बार्डर की तरफ से आने वाले लोगों के लिए एलम में इंटर कालेज, कांधला में जीआईसी इंटर कालेज, मेरठ की तरफ से आने वालों के लिए काबड़ौत पुल के निकट पंचायतघर, मुजफ्फरनगर की तरफ से आने वालों के लिए लालूखेड़ी इंटर कालेज में रोककर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ ने बताया कि इन स्थानों पर स्वास्थ्य टीम लगा दी गई है। स्क्रीनिंग के बाद उन्हें घर भेजा जाएगा और जिन्हें रोकने की जरूरत होगी, उन्हें वहीं पर रखा जाएगा। बाहर से आने वाले लोग अपने घर में भी 14 दिन तक क्वारंटीन में रहेंगे। उधर, जिला प्रशासन द्वारा करनाल रोड बिड़ौली बार्डर पर और पानीपत रोड पर यमुना पुल बार्डर पर दो रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। अभी तक जनपद की सीमाओं पर पहुंचने वालों में जनपद बदायूं, अमरोहा, बरेली, रामपुर, मुजफ्फरनगर, हरदोई, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, सहारनपुर आदि के लोग शामिल हैं, जिनकी खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
पंजाब से पहुंचे दो महिलाओं सहित 12 लोगों ने सीएचसी में कराई जांच
शामली। जिला मुजफ्फरनगर के फुगाना थानाक्षेत्र के एक गांव में पंजाब से पहुंचे दो महिलाओं समेत 12 लोगों को गांव में घुसने से रोक दिया और अस्पताल में जांच कराने को कहा।
शनिवार शाम करीब चार बजे दो महिला सहित 12 लोग सीएचसी पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को बताया कि वे पंजाब में काम करते थे। लॉकडाउन में काम बंद होने पर वे फुगाना थानाक्षेत्र स्थित गांव में अपने घर पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उन्हें घर जाने से पहले अस्पताल में जांच कराने को कहा। ग्राम प्रधान की चिट्ठी लेकर सभी लोग सीएचसी शामली पहुंचे। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने सभी की जांच की। चिकित्सकों ने बताया कि जांच में एक गर्भवती समेत दो महिलाओं को हल्का बुखार था। जबकि बाकी सभी लोग स्वस्थ पाए गए। सभी लोगों को 14 दिन तक गांव में क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई है। इसके बाद सभी लोग अपने गांव चले गए।
डोकपुरा में ट्रैक्टर-बुग्गी लगाकर रास्ता रोका
झिंझाना। क्षेत्र के गांव डोकपुरा में कोरोना से बचाव को लेकर ग्रामीण सजग हैं। ग्रामीणों ने बाहरी व्यक्तियों को रोकने के लिए गांव के मुख्य रास्तों पर ट्रैक्टर और बुग्गी खड़ी कर रास्ते बंद कर दिए। ग्राम प्रधान ओमपाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य ईश्वर सिंह, रामहेर, देवेंद्र आदि का कहना है कि पूरा गांव इस बीमारी को लेकर काफी गंभीर है। गांव के जो युवा रोजगार के लिये गांव से बाहर गये हुए थे, उनको भी गांव में घुसने से पहले अपना पूर्ण चिकित्सीय परीक्षण के बाद ही गांव में घुसने दिया जा रहा है। साथ ही जो लोग दिहाड़ी मजदूर है। रोजगार नहीं होने की दशा में ग्रामीण उन परिवारों का सहयोग कर उन्हें राशन आदि मुहैया करा रहे हैं।
झिंझाना के गांव डोकपुरा मे ग्रामीणों ने रास्ते किए बंद।- फोटो : SHAMLI