शामली रोडवेज बस अड्डे पर कोरोना का सैंपल लेती महिला चिकित्सक
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स्टेशन, बस स्टैंड पर दो शिफ्ट में शुरू हुई सैंपलिंग
शामली। देश के कई राज्यों में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के केस सामने आए हैं। आसपास के जिलों में भी कोरोना के केस मिलने के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग ने बाहर से आने वाले लोगों की सैंपलिंग को फोकस कर दिया है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर अब दो शिफ्ट में स्वास्थ्य टीम सुबह से शाम तक यात्रियों के सैंपल ले रही है। इसके अलावा खुद भी लोग सैंपल कराने के लिए सीएचसी पर पहुंच रहे हैं।
कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के केस देश के कई राज्यों में मिलने के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग भी सतर्कता बरत रहा है। इसके साथ ही आसपास के जिलों में कोरोना के केस मिले हैं। शामली जनपद में भी करीब 10 दिन पहले कोरोना का एक केस मिला है। यह केस 64 दिन बाद सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग ने बाहर आने जाने वाले यात्रियों की सैंपलिंग पर फोकस कर दिया है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर अब दो शिफ्ट में स्वास्थ्य टीमों की ड्यूटी लगाकर सुबह आठ बजे से देर शाम तक यात्रियों के कोरोना की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। पहले एक शिफ्ट में दोपहर तक ही सैंपल लिए जा रहे थे। सीएचसी के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक रोहित कुमार ने बताया कि मंगलवार को पहली शिफ्ट में रोडवेज बस स्टैंड से लगभग 97 और रेलवे स्टेशन से 72 सैंपल लिए गए हैं। दूसरी शिफ्ट में दोनों स्थानों से लगभग 50-50 सैंपल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस समय बाहर से आने जाने वाले यात्रियों की कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने पर फोकस किया हुआ है। उनका कहना है कि सैंपलिंग में लोग सहयोग कर रहे हैं और खुद भी लोग सैंपल कराने के लिए आगे आ रहे हैं।
रोजाना 2100 सैंपल लेने का लक्ष्य
शासन स्तर से जिले को रोजाना 2100 सैंपल लेने का लक्ष्य मिला है। इनमें करीब 1100 सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे जाते हैं। बाकी सैंपलों की एंटीजन जांच की जाती है। स्वास्थ्य टीमें जिले में विभिन्न स्थानों पर जाकर सैंपल ले रही है। मंगलवार को करीब 1200 सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए मेरठ भेजे गए हैं।
सीएचसी पर सैंपलों की पांच गुना बढ़ी संख्या
सीएचसी शामली पर नवंबर माह के पहले पखवाड़े तक रोजाना 20 से 30 सैंपल हो रहे थे। लोग खुद सैंपल कराने नहीं आ रहे थे। अब दिसंबर माह में सैंपलों की संख्या बढ़ गई है। अब एक दिन में 120 से 130 के करीब सैंपल हो रहे हैं। लोग सैंपल कराने के लिए खुद पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि जब से दूसरे राज्यों में जाने के लिए आरटीपीसीआर जांच की जरूरी हुई है, तब से सीएचसी पर सैंपल कराने वालों की संख्या बढ़ रही है।