नौकरी-पेशा लोगों ने बजट को बताया निराशाजनक
शामली। बजट को नौकरी पेशा लोगों ने निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि बजट में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, उन्हें टैक्स में छूट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बजट में कोई छूट नहीं दी गई। श्री जैन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. रुचिता ढाका ने बताया कि बजट में नौकरी पेशा लोगों को कोई राहत नहीं दी गई। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। टैक्स में ढाई लाख रुपये की सीमा बढ़ाकर कम से कम तीन लाख रुपये की जानी चाहिए थी। आरके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लोकेंद्र सिंह का कहना है कि हाउसिंग लोन की सीमा दो लाख से चार लाख रुपये की जानी चाहिए थी। एमएम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विनीत चौहान ने कहा कि आम बजट में नौकरी पेशा लोगों का कोई ध्यान नहीं रखा गया। आरके इंटर कॉलेज शामली के प्रवक्ता डॉ. रवि खन्ना ने कहा कि ढाई लाख रुपये की इनकम टैक्स रहित आय को बढ़ाकर चार लाख रुपये किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया।
अर्थशास्त्री ने बताया सामान्य बजट
आम बजट में किसानों को जैविक खेती की तरफ आकर्षित करना अच्छा प्रयास है। लघु और कुटीर उद्योगों की गारंटी दस गुना बढ़ाना अर्थ व्यवस्था को पटरी पर लाने की तरफ सार्थक कदम है। विभिन्न सरकारी योजनाओं में पीपीपी मॉडल का अत्यधिक प्रयोग युवाओं के भविष्य के लिए चिंताजनक है। ऐसी स्थिति में 60 लाख नौकरियां दे पाना दूर की कौड़ी प्रतीत होता है। यह भविष्य के आधार जैसा बजट प्रतीत नहीं होता। यह सामान्य सा बजट प्रतीत होता है - डॉ. भूपेंद्र कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र विभाग वीवी पीजी कॉलेज शामली।