जलालाबाद (शामली)। रोडवेज बस के चालकों ने जंग लगी व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। थानाभवन में रोडवेज बस से हुए हादसे के विरोध में शनिवार को जलालाबाद डिपो के चालकों ने बसों का संचालन नहीं किया। उनका कहना है कि बसों की फिटनेस ठीक नहीं है। ज्यादातर बसें 10 से 15 लाख किमी तक चल चुकी हैं। उनके हैंड ब्रेक काम नहीं कर रहे हैं और स्टेयरिंग भी जाम हैं। स्टोर कीपर सामान नहीं देते। चेतावनी दी कि जब तक पर्याप्त सामान उपलब्ध नहीं होगा और दुर्घटनाग्रस्त बस के चालक की जमानत नहीं होगी, तब तक बसों का संचालन नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को थानाभवन में रोडवेज बस से हुई दुर्घटना में तीन बच्चों की मौत और पांच के घायल होने के बाद जलालाबाद डिपो के चालक और परिचालकों में महकमे के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा है। जलालाबाद डिपो के चालक-परिचालकों ने बताया कि डिपो में 29 बसें हैं। इनमें एक बस नई है। बाकी 28 बसों में से ज्यादातर 10 से 15 लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं। बसों की खस्ता हालत से दुर्घटना हो रही हैं। बसों का संचालन कराने के लिए एआरएम सहारनपुर जगदीश सिंह तथा एआरएम शामली मनोज वाजपेई डिपो पर पहुंचे। उन्होंने जलालाबाद में तैनात बस स्टेशन प्रभारी योगेंद्र सिंह से जानकारी ली। चालक-परिचालकों ने बसों का संचालन करने से इंकार करते हुए एआरएम सहारनपुर को मांगपत्र दिया। सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ के डिपो अध्यक्ष बरण सिंह और कोषाध्यक्ष अनिल कुमार की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि डिपो की अधिकांश बसों में हैंडब्रेक काम नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से थानाभवन में बस दुर्घटना हुई।
बसों के टायर, प्रेशर पंप की हालत खराब है। बस मार्ग पर चलते हुए बीच में ही बंद हो जाती हैं, इससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। राज्य परिवहन निगम का बस स्टैंड न होने से मार्ग पर कहीं भी रोक कर यात्रियों को बैठाना व उतारना पड़ता है। मार्ग पर बस रोकने पर यातायात पुलिस का जुर्माना राज्य परिवहन निगम अदा कर रहा है। चालक को चालान राशि अपने वेतन से जमा करनी पड़ रही है। डिपो में डीजल पंप न होने से डीजल के लिए रोजाना सहारनपुर जाना पड़ता है।
चालकों का कहना है की रोजाना लगभग 320 किमी बस संचालन का लक्ष्य खटारा बसों से पूरा नहीं हो सकता। किलोमीटर लक्ष्य पूरा करने के लिए, चालकों को मजबूरी में बस को गति सीमा से अधिक चलाना पड़ रहा है। बसों के स्टेयरिंग जाम हैं तथा पंप पुराने डाले जा रहेे हैं। स्टोर कीपर स्टोर में सामान न होना कहकर सामान नहीं दे रहा है। जब तक कार्यशाला में सही मरम्मत, सामान व चालक की जमानत कराने पर राज्य परिवहन निगम कार्यवाही नहीं करेगा, तब तक बसों का संचालन नहीं होगा। इस दौरान चालक विपिन कुमार, अरुण कुमार, के. शर्मा, राहुल शर्मा, नीरज शर्मा, प्रदीप शर्मा, योगेश शर्मा, उपेंद्र, प्रणाम, मनोज मलिक, ब्रह्मदेव आदि शामिल रहे।
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बसें नहीं चलने से हुई परेशानी
जलालाबाद डिपो की 29 बसों का संचालन हरिद्वार, सहारनपुर, देवबंद, बिजनौर, मेरठ, शामली, गंगोह, मुजफ्फरनगर आदि शहरों के लिए किया जाता है। शनिवार को संचालन बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जांच को पहुंची टीम, फोरमैन और मैकेनिक के लिए बयान
जलालाबाद। थानाभवन में हुई दुर्घटना के मामले में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के महाप्रबंधक ने जांच के लिए टीम गठित की है। जांच टीम में शामिल महाप्रबंधक तकनीक अताउल रहमान, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नोएडा अशोक कुमार शनिवार को पहले थानाभवन घटनास्थल पहुंचे। इसके बाद वे जलालाबाद बस डिपो पहुंचे। यहां पर हुई दुर्घटना की जांच के लिए मैकेनिक कंवरपाल सिंह और फोरमैन नासिर गौरी से बयान दर्ज किए। चालक वरुण पुंडीर ने घटना के लिए बस में हैंड ब्रेक न होने को प्रमुख कारण बताया। नोएडा के क्षेत्रीय प्रबंधक अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट महाप्रबंधक को भेज दी जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
कोट...
- बस के चालकों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। मामले की जांच चल रही है। मनोज वाजपेयी, एआरएम