शामली। महिला थाने पर पारिवारिक विवाद में सुलह के लिए बुलाए गए 78 वर्षीय सेवानिवृत्त विद्युत कर्मचारी अचानक अचेत होकर गिर गए। उन्हें सीएचसी शामली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव खेड़ीकरमू निवासी महिला ने बुजुर्ग को पति बताते हुए खर्चा न देने, मारपीट व गाली-गलौज करने की महिला थाने पर शिकायत की थी। परिजनों क तरफ से अभी इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी है। चिकित्सक ने हृदय गति रुकने से मौत होने की आशंका जताई है।
गांव खेड़ीकरमू निवासी शशि ने दो दिन पहले 25 अक्तूबर को महिला थाने पर शिकायत की थी कि उनके पति सलेकचंद मित्तल उन्हें खर्चा नहीं देते और उनके साथ गाली-गलौज कर मारपीट करते है। वे विद्युत विभाग में टीजी टू के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। रविवार को दोनों को महिला थाने पर सुलह के लिए बुलाया गया। दोनों के बीच सुलह होने के बाद शशि समझौतानामा लिखवाने के लिए पास की दुकान पर गई थी। उसी दौरान सलेकचंद अचेत होकर थाने में गिर पड़े। इस पर थाने में अफरातफरी मच गई। महिला थाना पुलिस उन्हें अपनी गाड़ी से सीएचसी शामली ले गई, जहां पर चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सक उपकार मलिक ने बताया पुलिस अपनी गाड़ी से बुजुर्ग को लेकर आई थी। उस समय बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी। चिकित्सक ने हार्ट अटैक से बुजुर्ग की मौत होने की आशंका जताई है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तरफ से इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
18 साल से लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी महिला
महिला शशि ने सलेकचंद को पति बताते हुए कहा कि उनकी शादी नहीं हुई थी, लेकिन वह 2006 से पति-पत्नी की तरह खेड़ीकरमू गांव में रह रहे थे। सलेकचंद से उनके कोई संतान नहीं है। बताया उनकी पहली पत्नी श्यामलता की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी है। पहली पत्नी से दो लड़के व दो लड़की सभी शादीशुदा है। एक लड़का दीपेंद्र कमला काॅलोनी में रहता है जबकि दूसरा लड़का शैलेंद्र दिल्ली में रहता है। बताया कि सलेकचंद को कुछ समय पहले ही विभाग की तरफ से रुका हुआ रुपया मिला था। उनकी पेंशन भी बन गई थी। इसे लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। शशि ने बताया कि अहोई वाले दिन भी वे झगड़ा करके घर से चले गए थे।
समझौता नामा पर हस्ताक्षर भी नहीं कर पाए
शशि ने बताया कि महिला थाने में आपसी समझौता में सलेकचंद ने 20 हजार रुपये प्रति माह खर्चा देना तय हुआ था। महिला थाने की पुलिस ने उन्हें बाहर दुकान से समझौता नामा लिखवाने के लिए भेज दिया था। जब वह थाने पहुंची तो उन्हें बताया गया कि उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। वह अस्पताल पहुंची तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
महिला थाने पर महिला के साथ पारिवारिक विवाद में सुलह के लिए बुजुर्ग व्यक्ति को बुलाया गया था। वहां पर उनकी अचानक तबियत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने दो तीन दिन से उनके सीने में दर्द होने की समस्या बताई है। इस मामले में कोई तहरीर थाने पर नहीं आई है।
-संतोष कुमार सिंह, एएसपी