प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने जिले की तीनों चीनी मिलों के खिलाफ गन्ना मूल्य भुगतान न करने पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद गन्ना सहकारी समितियों के सचिवों की ओर से चीनी मिलों के विरुद्ध थाने में तहरीर दी गई। जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
शुक्रवार को गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने जिले की तीनों मिल के पेराई सत्र 2020-21 के गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। इस दौरान गन्ना विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चीनी मिलों पर 309.46 करोड़ रुपये बकाया है।
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शामली चीनी मिल पर 83.21 करोड़, ऊन चीनी मिल पर 60.94 करोड़, थानाभवन चीनी मिल पर 165.31 करोड़ रुपये बकाया है। इस पर गन्ना मंत्री ने नाराजगी प्रकट करते हुए तीनों चीनी मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए गन्ना विकास समिति के विशेष सचिवों को निर्देश दिए।
शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव मुकेेश कुमार राठी ने शामली चीनी मिल के अध्यासी जीके शर्मा, ऊन सहकारी गन्ना विकास समिति ऊन के सचिव अजीत कुमार सिंह ने ऊन चीनी मिल ऊन के अध्यासी राणावीर प्रताप सिंह एवं थानाभवन सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव भास्कर सिंह रघुवंशी ने थानाभवन चीनी मिल के अध्यासी वीर पाल सिंह के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने हेतु संबंधित थानों में तहरीर दी गई है।
उधर, शामली एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि गन्ना सहकारी समितियों के सचिवों की ओर से थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर प्राप्त हो गई है। सभी थाना प्रभारियों को संबंधित चीनी मिलों के अध्यासियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए है।