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आम बजट 2022: उद्योगों को मिले राहत, जीएसटी का हो सरलीकरण

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उद्यमी अंकित जैन। - फोटो : SHAMLI
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उद्योगों को मिले राहत, जीएसटी का हो सरलीकरण
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शामली। आम बजट 2022 में उद्यमियों ने 400 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर घटाकर 20 प्रतिशत करने, कोविड काल में कर्मचारियों को भुगतान करने वाली कंपनियों को सब्सिडी दिए जाने, कोविड काल में उद्यमियों और व्यापारियों को आर्थिक पैकेज देकर राहत की मांग उठाई है।
कोविड काल की दूसरी लहर के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण एक फरवरी को आम बजट 2022 प्रस्तुत करने जा रही हैं। यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम बजट 2022 को महत्व पूर्ण माना जा रहा है। जिले के उद्यमी-व्यापारी आम बजट में राहत दिए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।
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रिम धुरा उद्योग के प्रसिद्ध उद्यमी व कैरियर व्हील के मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक जैन का कहना है कि पिछले डेढ़ साल में लोहे के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार लोहे के दाम कम करके महंगाई पर अंकुश लगाए। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की दरें कम हो और आयकर में छूट मिले।
400 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले उद्यमी को मिले आयकर छूट
वर्तमान में जिन व्यापारियों के कार्य का टर्नओवर 400 करोड़ से कम है, उनके लिए इनकम टैक्स की दर 25 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत किया जाए। कोविड-19 के दौरान काफी कंपनियों ने अपनी कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का भुगतान किया है, वित्तीय रुप से प्रभावित ऐसी कंपनियों को सरकार इस बजट में उन कंपनियों को कुछ सब्सिडी के रूप में दें। नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों का कंपनियों को उसका वास्तविक लाभ मिले। वर्तमान में व्यक्तिगत करदाताओं की केवल ढाई लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री है, उद्यमियों की राहत दी जाए। - अनुज गर्ग, चेयरमैन आईआईए शामली।
जीएसटी का सरलीकरण करे सरकार
केंद्र सरकार आने वाले बजट में शामली से दिल्ली तक का जो रेलवे का दोहरीकरण का कार्य बाकी बचा हुआ है, वह पूरा होना चाहिए। इसके अलावा लखनऊ व लंबी दूरी की ट्रेन शामली से चलनी चाहिए, जीएसटी का सरलीकरण किया जाना चाहिए। जिससे अधिक से अधिक छोटे व्यापारी भी इस से जुड़ सकें। इनकम टैक्स रिटर्न की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख की जानी चाहिए। एमएसएमई द्वारा जो योजनाएं लाई जाती हैं उनका लाभ उद्यमियों तक नहीं पहुंच पाता है। उनको सही प्रकार से क्रियान्वित किया जाना चाहिए। जिससे उद्यमियों को उनका लाभ मिल सके। - अंकित गोयल चेयरमैन शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन व प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल।
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व्यापारियों की बैठक में आर्थिक राहत पैकेज देने की मांग
शामली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के सीबी गुप्ता कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में व्यापारियों ने आम बजट पर चर्चा की। इस दौरान जीएसटी कर प्रणाली की जटिलताओं को समाप्त कर इसका सरलीकरण किए जाने, कपड़े की तर्ज पर शूज व स्टेशनरी पर बढ़ी जीएसटी की दरों को वापस लेने पर जोर दिया। प्रदेशाध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ईमेल द्वारा पत्र भेजकर कंपाउंड स्कीम में दो करोड़ की छूट दें। जीएसटी एक प्रतिशत से घटाकर आधा प्रतिशत किए जाने व जीएसटी की दरों के स्लैब को कम करके केवल 5, 8 व 12 प्रतिशत किया जाए। इससे अधिक के स्लैब समाप्त किए जाएं। वर्तमान में 5 लाख रुपये तक आयकर में छूट मिले। 60 वर्ष से ऊपर की आयु के पंजीकृत व्यापारी को पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में व्यापारियों के व्यापार चौपट हो गया है। छोटे खुदरा व्यापारियों को आर्थिक राहत पैकेज जारी किया जाए। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर उनके परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। पेट्रोल में डीजल को जीएसटी कर के दायरे में लाकर महंगाई पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री सुभाष चंद धीमान, नगर अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल, नगर महामंत्री रवि संगल, अनुज गोयल, महेश धीमान, आशु पुरी, मनोज मित्तल, शिवांग गर्ग, अमन गर्ग, राजीव गर्ग मौजूद रहे।

उद्यमी अनुज गर्ग।- फोटो : SHAMLI

उद्यमी आलोक जैन।- फोटो : SHAMLI

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