शामली। शुक्रवार की मध्य रात शुरू हुई तेज बारिश शनिवार सुबह तक होती रही। जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। वहीं, बारिश से किसानों की ज्वार, गन्ना और धान की फसल को लाभ पहुुंचा है। दोपहर बाद धूप निकलने से उमस भरी गर्मी बनी रही। दिन का पारा एक डिग्री और रात का पारा दो डिग्री में गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार मध्य रात्रि के बाद मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया था। रात बादल की गर्जनाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बारिश होती रही। बारिश बंद होने के बाद धूप निकलनी शुरू हो गई। दोपहर के समय धूप से उमस भरी गर्मी रहने से लोग हाल-बेहाल रहे। पिछले 24 घंटे में बारिश के बाद दिन का पारा एक डिग्री और रात का पारा दो डिग्री में गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को दिन का पारा 35 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 13 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने से मौसम गरम रहा। बारिश के बाद किसानों की ज्वार, गन्ना, ढै़चा और धान की फसल को लाभ पहुुंचा है। पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अंबुज कुमार ने बताया कि शुक्रवार की मध्य रात्रि से लेकर शनिवार की सुबह आठ बजे तक 30 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है।
बारिश से फसलों को मिलेगा लाभ
शामली। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि रविवार और सोमवार को बारिश होने की संभावना है। मानसून अब रफ्तार पकड़ेगा। बारिश से ज्वार, गन्ना, ढै़चा गन्ना और धान की फसल के लिए लाभ मिलेगा। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाक्टर शीशपाल सिंह, डॉक्टर विकास मलिक ने बताया कि शुक्रवार मध्य रात्रि शुरू हुई बारिश से ज्वार, गन्ना, ढ़ैचा और धान की फसल को लाभ हुआ है। तेज हवाओं से आम की फसल झड़ गई हैं। पानी भरने से तुरई, लौकी, टींडे की सब्जी को नुकसान हुआ है।
धान की रोपाई युद्धस्तर पर जारी
शामली। इस बार जिले में 7 हजार 910 हेक्टेयर में बासमती धान की रोपाई युद्धस्तर पर किसानों द्वारा की जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ हरीसिंह सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय को शासन से 182 क्विंटल 16 किलो धान का बीज किसानों को वितरित करने के उद्देश्य से उपलब्ध किया गया था। जिसमें किसानों को धान उपलब्ध बीज वितरित किया जा चुका है। पूसा बासमती 1509, पूसा सुगंधा, 1121,पीबी टूडल आदि का किसान रोपाई कर रहा है। जिले में 35 प्रतिशत धान की रोपाई हो चुकी है।