उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों का फायदा कैसे होगा, ऐसी नीतियों पर काम चल रहा है। जब किसान का ट्रैक्टर खत्म होगा, किसान की गाड़ी खराब, खत्म होगी तो कंपनियों को फायदा होगा। सरकार ने किसानों को दिल्ली जाने से रोका है। किसान सरकार को 2024 में आने से रोकेंगे। किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान, एमएसपी पर गारंटी कानून, किसानों पर दर्ज मामलों को एक्सपंज कराने की भी मांग जोर शोर से उठाई।
पंचायत में बत्तीसा खाप के चौधरी शौकिंद्र मलिक ने किसानों को एकजुट होकर अपनी समस्याओं पर लड़ने का आह्वान किया। साथ ही भाकियू की रणनीति पर सरकार का विरोध करने के लिए दिल्ली कूच करने की बात कही।
गठवाला खाप के थाम्बेदार चौधरी बाबा श्याम सिंह ने कहा कि सरकार किसानों पर डिजिटल मीटर थोपने जा रही है, किसानों के पास तो पैसे फसल के बाद आते हैं। ऐसे में किसानों की फसलें खराब हो जाएंगी। साथ ही भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को एकजुट होकर लड़ना होगा और आपसी मनमुटाव को भूलाना होगा।