रेलवे ने किया इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल
शामली। अब शामली से टपरी तक लूप लाइन पर ट्रेनों की गति 15 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटा कर दी गई है। उत्तर रेलवे के संरक्षा आयुक्त शैलेंद्र पाठक के शामली से टपरी तक विद्युतीकरण व सिग्नल कार्यों की ओके फिटनेस रिपोर्ट देने के बाद शुक्रवार को इसका ट्रायल किया गया।
शुक्रवार सुबह 11:35 बजे 24 कोच की इलेक्ट्रिक ट्रेन शामली रेलवे स्टेशन पर पहुंची। उत्तर रेलवे के अधिकारियों की टीम ने ट्रेन से शामली, हिंड, थानाभवन, ननौता, रामपुर मनिहारन, मनानी, भांकला और टपरी तक का सफर एक घंटे 25 मिनट में पूरा किया। लूप लाइन में 30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन दौड़ी। टपरी से एक बजे से चलकर यह ट्रेन शामली 3:20 बजे पहुंची। उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि शामली से टपरी तक विद्युतीकरण व कलर सिग्नल कार्यों का 25 फरवरी को उत्तर रेलवे के संरक्षा आयुक्त शैलेंद्र पाठक ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद बृहस्पतिवार शाम ओके फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त हो गया था। जिसके बाद लूप लाइन पर ट्रेनों की गति 15 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटे कर दी गई। लूप लाइन की स्पीड का विशेष ट्रेन से शुक्रवार को ट्रायल हो गया। लूप लाइन के निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान, सिग्नल सेक्शन इंजीनियर राजेश विश्वकर्मा, लोको पायलट दीपचंद, पीडब्लूआई संजय शर्मा मौजूद रहे।
ये होती है लूप लाइन
रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफार्म वाली लाइन को लूप लाइन कहा जाता है। ऐसी ट्रेनें जो प्लेटफार्म वाली लाइन से बिना रुके गुजरती हैं, उनकी गति बढ़ाने के लिए रेलवे कवायद कर रहा है। अभी शामली से टपरी के बीच लूप लाइन में अधिकतम गति सीमा 15 किमी प्रति घंटा थी। मुख्य लाइन पर ट्रेन खड़े होने की स्थिति में ट्रेन लूप लाइन पर इसी स्पीड से निकलती थी। अब यह ट्रेनें 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से निकल सकेंगी। लूप लाइन में गति बढ़ जाने से ट्रेनें गंतव्य तक जल्दी पहुंचेंगी।