शामली। दिल्ली- यमुनौत्री फोरलेन के शामली बाईपास की जद में आ रहे बनत, शामली और बलवा गांव की भूमि का प्रस्ताव भूमि अधिग्रहण की धारा तीन डी की कार्रवाई के लिए पत्रावली राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की बागपत इकाई को भेजी गई है। बागपत इकाई से पत्रावली की स्वीकृति के बाद किसानों से मुआवजा संबंधित आपत्तियां किसानों से मांगी जाएगी। उनके निस्तारण के बाद मुआवजा अवार्ड घोषित किया जाएगा।
दिल्ली- यमुनौत्री फोरलेन के तहत शामली जिलें में एलम और शामली में बाईपास प्रस्तावित है। शामली बाईपास में ज्यादातर किसानों को भूमि का मुआवजा सालों पूर्व वितरित हो चुका है। बनत, बलवा, शामली के कुछ किसान ज्यादा मुआवजा मांग रहे थे। भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई ने गत वर्ष 2019 में सहारनपुर मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी कार्यालय को पत्रावली भेजकर निस्तारण के लिए भेजी थी। मंडल के भूमि अध्यापित अधिकारी सुरेश सोनी ने बताया कि शामली बाईपास की जद में बनत, बलवा, शामली आदि के गांवों के किसानों की तीन डी की कार्रवाई के लिए भारत सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई को भेजा गया है। बागपत इकाई से भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना की स्वीकृति मिलने के बाद किसानों से मुआवजा सबंधी आपत्ति मांगी जाएगी। किसानों की आपत्तियों के बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा दिल्ली-शामली, सहारनपुर फोरलेन की जद में सिक्का गांव में मुआवजा वितरण के लिए तहसीलदार शामली से रिपोर्ट मांगी गई है। दभेडी, मनानी, खटकाहेडी गांव में मुआवजा की प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई प्रस्तावित है। एलम कस्बे में बाईपास की जद में 90 प्रतिशत किसानों को मुआवजा का वितरण किया गया। दस प्रतिशत किसानों की भूूमि का वितरण अधूरा है।