धन के अभाव में लटकीं परियोजनाएं
शामली। धनराशि के अभाव में विकास भवन, बीएसए कार्यालय, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) निर्माण अधर में लटकी हुईं हैं। इन परियोजनाओं की दूसरी किस्त आनी है।
थानाभवन विधानसभा क्षेत्र के कादरगढ़ मारुखेड़ी गांव में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) निर्माण के लिए 3.5 एकड़ भूमि स्वीकृत की गई थी। इसके लिए सरकार से वर्ष 2020-21 में 7.50 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई थी। शासन से उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन निर्माण खंड सहारनपुर इकाई को 1.62 रुपये की प्रथम किस्त अवमुक्त की गई थी। परियोजना का शिलान्यास 20 दिसंबर 2020 को गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने किया था। एक साल में निर्माण एजेंसी ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट कार्यालय और कक्षा भवन का निर्माण पर 1.26 लाख रुपये खर्च किए। मिली धनराशि खर्च होने के बाद से डायट भवन का निर्माण कार्य बंद है।
निर्माण एजेंसी के अवर अभियंता सुरजीत सिंह ने बताया कि डायट विद्यालय भवन का ढांचा खड़ा हो गया है। शासन से प्राप्त धनराशि खर्च होने के बाद परियोजना के लिए 5.88 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। डिमांड के मुताबिक धनराशि अवमुक्त होने के बाद वह 18 माह में डायट भवन का निर्माण पूरा कर देंगे। डायट प्रभारी रेखा सुमन ने बताया कि शामली डायट की मान्यता के लिए आवेदन किया गया है।
यह है डायट की अवशेष परियोजना
डायट भवन के निर्माण के साथ परियोजना में ऑडिटोरियम, 100 बालक और 100 बालिकाओं के लिए छात्रावास, दो हजार वर्ग मीटर में खेल का मैदान शामिल है।
चार साल से विकास भवन और बीएसए कार्यालय का निर्माण रुका
गोहरनी गांव के जंगल में विकास भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल के निर्माण के लिए नौ करोड़ रुपये और बीएसए कार्यालय की दूसरी मंजिल और रैंप निर्माण के लिए शासन से 80 लाख रुपये अवमुक्त नहीं हुए हैं। जिससे निर्माण कार्य अधर में लटका है। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने बताया कि विकास भवन की प्रथम किश्त 11 करोड़ 75 लाख रुपये से ढांचा खड़ा हुआ है। नौ करोड़ रुपये की दूसरी किश्त न आने से चार साल से विकास भवन का कार्य अधूरा पड़ा है। बीएसए कार्यालय की दूसरी मंजिल और रैंप निर्माण के लिए 80 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृति नहीं हुई है। कई बार शासन को डिमांड भेजी है।