शामली। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल जिन गांवों और मोहल्लों में डेंगू व मलेरिया के केस सामने आए थे, उन्हें चिन्हित कर सूची तैयार की है। पिछले साल 46 गांवों में मलेरिया के 27 और डेंगू के 33 केस सामने आए थे।
अप्रैल माह में गर्मी बढ़ने के साथ ही मच्छर भी पनपने लगे हैं, जिससे डेंगू व मलेरिया होने का खतरा बना हुआ है। हालांकि इस साल में अभी तक डेंगू या मलेरिया का कोई केस स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में दर्ज नहीं हुआ है। पिछले साल जहां पर मलेरिया व डेंगू के केस मिले थे, उन क्षेत्रों व गांवों को स्वास्थ्य विभाग ने चिन्हित करते हुए बुखार की रोकथाम और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाकर फॉगिंग, एंटी लार्वा और जागरूकता संंबंधी अतिरिक्त गतिविधियां कराने की तैयारी की है। जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में कोई गांव या मोहल्ला हाई रिस्क एरिया के मानक में नहीं है, लेकिन पिछले साल जहां पर मलेरिया व डेंगू के केस मिले थे, वहां पर विशेष निगरानी की जाएगी।
विभाग द्वारा चिंह्ति किए गए गांवों में शामली शहर में गऊशाला रोड, दयानंद नगर, अटल विहार, रेलपार, टीचर काॅलोनी, पंसारियान, बरखंडी, काकानगर, आदर्श विहार, धीमानपुरा व आजाद चौक को चिन्हित किया गया।
पिछले साल शामली शहर में मलेरिया के सात और डेगू के नौ केस मिले थे। कुड़ाना ब्लाक के चिन्हित किए गए गांव बलवा, गोहरपुर, सिंभालका, रामगढ़, भनेड़ाजट, भैंसवाल, आदमपुर में पिछले साल मलेरिया के दो और डेंगू के पांच केस आए थे। कैराना ब्लाक में चिन्हित गांव कसेरवा, मुंडेट खुर्द में मलेरिया का एक और डेंगू के दो केस आए थे। कांधला ब्लाक में चिन्हित किए गए गांव डांगरोल, फुगाना और खेड़ा मस्तान में तीन डेंगू के केस आए थे, जबकि मलेरिया का कोई केस नहीं था। थानाभवन ब्लाक में बाबरी, बंतीखेड़ा, उस्मानपुर, हसनपुर लुहारी, मसावी व थानाभवन के मोहल्ला सराय में मलेरिया का एक और डेंगू के आठ मामले आए थे।
ऊन ब्लाक में सांपला, टपराना, सेवापुर, जमालपुर, झिंझाना, भड़ी भरतपुर, मंसूरा, मालेंडी, गागौर, बझेड़ी, गढ़ी अब्दुल्ला खां, गढ़ीपुख्ता, ऊन, मालेंडी, ओदरी, रंगाना व जमालपुर गांव को चिन्हित किया गया है। इन गांवों में मलेरिया के 14 और डेंगू के पांच केस सामने आए थे। मलेरिया का एक केस यहां के व्यक्ति का अन्य जिले में हुई जांच में आया था।