शामली झिंझाना रोड पर आयोजित योग शिविर में योगाभ्यास करते लोग।
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शामली। क्रीड़ा भारती द्वारा आयोजित योग प्रशिक्षण शिविर के आठवें दिन साधकों को भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योगाचार्य डॉ. श्रीपाल धामा ने बताया कि इस योग के करने से हृदय और मस्तिष्क को आरोग्य लाभ मिलता है।
रविवार को शामली राइफल क्लब परिसर में आयोजित योग प्रशिक्षण शिविरका शुभारंभ राष्ट्रीय किसान पीजी कालेज के सांख्यिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ कुमार पांडेय कहा कि नारी सशक्तिकरण विकसित समाज की सोच है। हमें हर प्रकार से नारी को सशक्त करने का प्रयास करना चाहिए। मिशन शक्ति उसका ही एक रूप है। समाज में, शिक्षा में, खेल के क्षेत्र में, राजनीति और व्यवसाय में सभी जगह महिलाएं अपनी भूमिका का निर्वाह कर रही है। सभ्य समाज का ये उत्तरदायित्व बनता है, कि सभी को बराबर का प्रतिनिधित्व मिले।
योगाचार्य डॉ. श्रीपाल धामा ने प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए भस्त्रिका प्राणायाम के बारे में जानकारी दी और उसे करते के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि जिन्हें उच्च रक्तचाप, दमा या हृदय रोग हो, उन्हें तीव्र गति से भस्त्रिका प्राणायाम नहीं करना चाहिए। भस्त्रिका प्राणायाम के अभ्यास से फेफड़े सबल बनते हैं। हृदय व मस्तिष्क को शुद्ध प्राणवायु मिलने से उनको आरोग्य लाभ होता है। शिविर में क्रीड़ा भारती जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र स्वामी, डॉ. चंद्रबली पटेल, डॉ. रुचिता ढाका प्रधानाचार्या, विजयपाल आर्य, गौरव कुमार, सभाचंद, निखिल भारद्वाज, प्रमिला, गीता, सुरभि, उमेश भार्गव, ललित सिंह, आरव तोमर, शास्वत अग्रवाल आदि मौजूद रहें।