जलालाबाद। नगर पंचायत जलालाबाद को खुले से शौच मुक्त घोषित कराने की बातें हवाई साबित हो रही है। कई मोहल्लों में अब भी लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। नगर पंचायत ने शौचालय बनवाने के लिए काफी परिवारों के यहां गड्ढे खुदवाए थे, लेकिन शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले से शौच मुक्त अभियान चलाया गया था, जिसके तहत पहले तो गांवों में शौचालय का निर्माण हुआ, फिर नगर निकायों में शौचालय बनवाने शुरू हुए।
इस योजना को नगर पंचायत जलालाबाद में पलीता लगाया जा रहा है। शौचालय न होने के कारण कई मोहल्लों में लोग खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार समस्या के समाधान की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मोहल्ला करीमबख्स निवासी लोगों का कहना है कि नगर पंचायत कर्मियों ने उनके यहां शौचालय निर्माण के लिए कई माह पूर्व गड्ढे खुदवाकर फोटो भी खींचे थे, लेकिन अब तक शौचालय के लिए पैसा नहीं मिला।
इसी वार्ड में रहने वाले तैय्यब, सलीम गुलफसा, मोहम्मद असगर शादाब, मुरसलीन और सईदा का कहना है कि शौचालय के लिए उनके फार्म भरवाए गए थे, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी आज तक कोई पैसा नहीं मिला। जो गड्ढे खुदवाए गए थे वो उनके लिए जी का जंजाल बने हुए है।