कैराना। पढ़े बेटियां, बढ़े बेटियां। भारत सरकार की यह सोच है। लेकिन जब स्कूलों में शिक्षक ही नहीं है, तो बेटियां कैसे पढ़ेंगी? कैराना स्थित आर्य कन्या इंटर कॉलेज में 900 बेटियां इसी परिस्थिति से गुजर रही हैं। इस कॉलेज में छात्राओं को पढ़ाने के लिए मात्र दो ही शिक्षिकाएं है। कॉलेज प्रबंधन ने मजबूरी वश छह ट्यूटरों को लगाकर पढ़ाई करा रहा है।
कस्बा कैराना के आर्य कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा छह से कक्षा 12 तक की कक्षाओं के लिए कई सेक्शन है। कॉलेज में कुल 900 छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती है, लेकिन इनको पढ़ाने के लिए शिक्षिकाओं की कमी है। हाल यह है कि एक-एक शिक्षिका तीन-तीन कक्षाओं में उपस्थिति दर्ज कराती है।
कॉलेज में फिलहाल मात्र दो ही सरकारी टीचर है। यह ही शिक्षिकाएं 900 छात्राओं को पढ़ाती है। कॉलेज में भौतिक विज्ञान, इतिहास, कला, गणित, खेलकूद की कोई शिक्षिका नहीं है।
हालांकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा बच्चियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके चलते दो शिक्षिका मानदेय, चार शिक्षिका प्राइवेट स्तर पर रखी गई है। आर्य कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉक्टर दीपाली ने बताया कि उनके कॉलेज में शिक्षिकाओं की कमी है। एक-एक टीचर कई-कई कक्षाओं को पढ़ाती है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से अस्थायी तौर पर और भी शिक्षक रखने पर विचार किया जा रहा है।