शामली के कैराना क्षेत्र की जनता ही नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन पर भी बदमाशों का खौफ हावी है। तभी तो बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने पर पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी जाती है। ऐसे कई मामले कैराना क्षेत्र में हुए, जिससे पुलिस को भी अपने पांव पीछे खींचने पड़ जाते हैं।
कैराना से लोगों के पलायन में सबसे बड़ा मुद्दा वहां हावी होती गुंडागर्दी ही है। लूट, रंगदारी और हत्या जैसी संगीन वारदातें करके बदमाशों ने आमजन में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। वहीं, बदमाशों के खौफ से पुलिस भी अछूती नहीं है। ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी भी सहम जाते हैं तथा दबिश के दौरान बैरंग लौटना पड़ जाता है।
कैराना क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं, जहां दबिश देना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है। खानापूर्ति के नाम पर पुलिस दबिश देकर लौट जाती है। यही वजह है कि कैराना में दहशत का खेल खेलने वाला मुकीम काला और उसके गिरोह के बदमाश अक्सर कैराना क्षेत्र में ही छिपे रहते थे, लेकिन पुलिस इनको गिरफ्तार करने में घबराने लगी थी।
यह बात अलग है कि एसटीएफ की टीम ने मुकीम और साबिर जंधेड़ी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। बदमाशों के साथ ही रेत खनन माफिया भी पुलिस प्रशासन को कार्रवाई नहीं करने देते।
आंदोलन की चेेतावनी ः कैराना। शामली रोड स्थित आवास पर बीजेपी के क्षेत्रीय मंत्री रमेश गौड़ कश्यप ने प्रेस कांफ्रेंस की। बताया कि फरवरी से अलीपुर में कश्यप समाज के लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उनके बिटोडे़ जलाए जा रहे हैं। मामले में पुलिस लीपापोती करने में जुटी है। अकबरपुर सुंहेटी में महिला के साथ गैंगरेप, हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए मृतका के ही परिवार के दो युवकों को भी आरोपी बना दिया। जिसका कश्यप समाज विरोध करेगा।
बढ़ते अपराध पर रोष जताया
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सूबे में बढ़ते अपराध और अराजकता के माहौल पर रोष जाहिर किया। कैराना में दहशत के बीच लोगों के पलायन, मथुरा के जवाहरबाग में हिंसा से लेकर अन्य मुद्दों पर आम जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई। इन्हीं मामलों को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सीओ सिटी निशांक शर्मा को सौंपा गया।
शनिवार दोपहर सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि कैराना में लगातार बढ़ते अपराधों की दहशत में व्यापारियों का पलायन चिंताजनक है। कैराना और आसपास इलाकों में भय तथा आतंक का माहौल बना हुआ है। इसी मजबूरी में कैराना के लोगों को पलायन करना पड़ रहा है। वहीं, मथुरा के जवाहरबाग में पुलिस प्रशासन और सरकार की विफलता से इतनी बड़ी घटना हुई। इसमें दो पुलिस अधिकारियों सहित 27 लोगों की मौत हो गई।
जवाहरबाग मामले में प्रदेश सरकार संवेदनशील नहीं रही है। प्रदेश सरकार तुष्टिकरण की नीति के साथ काम कर रही है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष अभय चौधरी, सचिन जैन, पुनीत द्विवेदी, पीयूष वर्मा, नितिन गोयल, रवि कश्यप, नीरज गौतम, गौरव गर्ग, देवांशु जांगिड़, देवाशीष वर्मा, आशु नामदेव, मनीष आदि रहे।