शामली। हरियाणा सीमा विवाद सुलझाने के लिए सीमा पिलर्स लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश शासन ने सीमा पिलर्स लगाने के केंद्र सरकार से 59 लाख 65 हजार रुपये की धनराशि मांगी है। केंद्र सरकार से सीमा पिलर्स की धनराशि स्वीकृत होने पर वेस्ट यूपी के पांच जिलों को यह धनराशि उत्तर प्रदेश सरकार भिजवाएगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा आश्वासन समिति की बैठक में हरियाणा सीमा विवाद के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। उत्तर प्रदेश शासन के उपसचिव मनिराम ने हरियाणा प्रांत की सीमा से लगते वेस्ट यूपी के शामली, सहारनपुर, बागपत, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़ आदि जिलों से हरियाणा सीमा विवाद के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। सीमा विवाद की समस्याओं से जूझ रहे इन जिलों के अधिकारियों को रिपोर्ट समेत तलब किया था।
पिछले सप्ताह 15 सितंबर को राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा आश्वासन समिति के कार्यालय में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव राजस्व की मौजूदगी में हुई बैठक में हरियाणा सीमा विवाद के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उत्तर प्रदेश विधानसभा आश्वासन समिति की लखनऊ बैठक से लौटे एसडीएम कैराना इंद्रसेन यादव ने बताया कि शामली जिले के 32 गांवों की 7198.78 एकड़ भूमि उत्तर प्रदेश प्रांत से हरियाणा प्रांत को हस्तांतरित की गई है।
हरियाणा प्रांत के पानीपत और करनाल जिलों के 15 गांवों की 16340 एकड़ भूमि उत्तर प्रदेश के शामली जिले को हस्तांतरित होकर आई है। हरियाणा से हस्तांतरित होकर आई भूमि के लिए शामली जिले में पर्याप्त स्टाप न होने से अभिलेखों का कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सीमा सुलझाने के लिए सीमा पिलर्स लगाने का निर्णय लिया गया है। सीमा पिलर्स लगाने के लिए केंद्र सरकार से 59 लाख 65 हजार रुपये की धनराशि की मांग की गई है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया है कि हरियाणा सीमा के तहत हरियाणा, पंजाब ,चंडीगढ़ न्यायालयों में विचाराधीन वादों में मजबूत पैरवी की जाए।