पुलिस की जांच में अभी तक सामने आया है कि युवक के नाम कोई शस्त्र लाइसेंस नहीं है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई मामला दर्ज नहीं किया है। सवाल ये है कि जब युवक के नाम लाइसेंस नहीं है, तो उसके हाथ में पिस्टल कहां से आया।
इस तरह से चौकी परिसर में कोई युवक पिस्टल के साथ सेल्फी लेने पर चौसाना पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार का कहना है कि फोटो कई माह पहले का हो सकता है। इस मामले में झिंझाना थानाध्यक्ष को अवगत करा दिया गया है।
रायफल लूट कांड के बाद भी लापरवाही
चौसाना क्षेत्र में करीब 14 माह पहले रात को ड्यूटी पर तैनात सिपाही और होमगार्ड पर हमला कर उनकी रायफल और इंसास लूट ली थी। पुलिस ने बाद में इस केस का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई रायफलें बरामद कर ली थी।
पकड़े गए आरोपियों का खालिस्तानी आतंकी संगठन से संबंध होना पाया गया था। इसके बाद भी पुलिस चौकी में कोई युवक पिस्टल से सेल्फी ले लेता है और पुलिस को उस समय पता नहीं नहीं चल पाता। इससे पुलिस की सतर्कता पर भी सवाल खड़ा हो रहा है।
शामली में भी लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग की वीडियो वायरल हुई थी
करीब डेढ़ माह पहले दीपावली के दो दिन बाद शामली में लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग करने की सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुई थी। पुलिस ने पहले तो इसे गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन जब अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लिया तो पुलिस ने उसकी जांच की थी।
पुलिस की जांच में सामने आया था कि वीडियो में जो युवक हथियार से फायरिंग कर रहा है, उसका लाइसेंस उसके पिता के नाम पर है। आदर्श मंडी एसओ कर्मवीर सिंह का कहना है कि इस मामले में लाइसेंस धारक के शस्त्र निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी गई है।
चौसाना चौकी में पिस्टल के साथ सेल्फी लेने का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - विनीत जायसवाल, एसपी।