शनिवार रात 12 बजे से कैंट बोर्ड ने 11 जगहों पर ही वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू की तो रुड़की और मवाना रोड पर रात दो बजे के बाद तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। रविवार को दिन में भी जाम के हालात बनते रहे।
रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर बनाए गए प्रवेश शुल्क प्वाइंटों पर कर्मचारी बसों को देखकर बैरिकेडिंग लगाते तो दूसरे वाहन चालक इधर-उधर को स्टेयरिंग घुमाना शुरू कर देते। रुड़की रोड पर बसों को रोककर शुल्क वसूलकर पर्ची दी जा रही थी।
इस दौरान रोडवेज की अनुबंधित बस का चालक चिल्लाने लगा कि अभी तक पीछे से पर्ची कटवाकर आ रहा हूं, यहां फिर क्यों ले रहे हो? इस पर कर्मचारियों ने पर्ची दिखाने को कहा तो उसने बताया कि वो कंडक्टर के पास है। इस पूरे घटनाक्रम में तीन से चार मिनट लग गए।
पीछे वाहनों की कतार लगी तो हार्न का शोर सुनाई देने लगा। हालांकि यहां पर वाहनों की तेज स्पीड और अधिक संख्या को देखते हुए कर्मचारियों ने एक तरफ बिना बैरीकेडिंग के ही कॉमर्शियल वाहनों को रोककर शुल्क वसूला। मवाना रोड पर डेयरी फार्म के सामने बनाए गए प्वाइंट पर भी ऐसा ही हाल दिखा। लोग दिनभर परेशान होते रहे।
कब तक झेलना पड़ेगा
मीनाक्षीपुरम निवासी सुमित ने बताया कि कॉमर्शियल वाहनों से अगर शुल्क वसूलना था तो यहां पर उसी प्रकार से व्यवस्था बनानी चाहिए थी।
कोई जगह तो छोड़ दो
रक्षापुरम निवासी प्रीति का कहना है कि शायद शहर में कोई ऐसी जगह नहीं छोड़ना चाहते हैं जहां पर जाम न लगे। अब तक यहां जाम नहीं था अब रोजाना यहां भी जाम से जूझना पड़ेगा।
समस्या रोज बढ़ेगी
शास्त्रीनगर निवासी अंकित चौधरी ने बताया कि ये समस्या आगे और भी बढ़ेगी। रात को नो एंट्री खुलने के बाद सबसे ज्यादा दिक्कत तब बढ़ेगी जब ट्रकों का लोड ज्यादा रहेगा।
हो जाएगा बड़ा हादसा
अम्हैड़ा निवासी वीरेंद्र सिंह ने अगर आप शुल्क लेते भी हैं तो कम से कम उसका ढंग तो ठीक हो। ऐसे तो बड़ा हादसा हो जाएगा।