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..35 घंटे तक पानी के लिए बिलबिलाते रहे लोग

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35 घंटे तक पानी के लिए बिलबिलाते रहे लोग
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शामली। काकानगर में हुए एक लीकेज से शहर की पांच कॉलोनियों की करीब दस हजार की आबादी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस गई। चार कॉलोनियों में बुधवार रात में आपूर्ति चालू हो गई, लेकिन झिंझाना रोड स्थित टीचर्स कॉलोनी की करीब 1500 की आबादी को 35 घंटे बाद बृहस्पतिवार शाम पांच बजे पानी मिल पाया। इस दौरान लोगों ने जैसे-तैसे पीने के लिए पानी जुटाया, जबकि नहाने और कपड़े धोने जैसे काम नहीं हो सके।
बुधवार सुबह काकानगर में पेयजल पाइप लाइन लीकेज हो गई थी। इसके चलते काकानगर, नौकुआं रोड, टीचर्स कॉलोनी, पटेलनगर और कृष्णानगर में पेयजल आपूर्ति बंद हो गई थी। टीचर्स कॉलोनी को छोड़कर अन्य चार कॉलोनियों की आपूर्ति रात में बहाल हो गई थी, जबकि करनाल रोड स्थित टीचर्स कॉलोनी को पानी नहीं मिला। इस कॉलोनी में एक और लीकेज हो गया था जिसे ठीक करने में पूरा दिन लग गया। श्
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शाम करीब पांच बजे करीब 35 घंटे बाद यहां आपूर्ति शुरू हो सकी। लोगों ने आसपास खड़े हैंडपंपों से जैसे-तैसे पीने के लिए पानी का इंतजाम तो कर लिया। मगर नहाने, कपड़े धोने और बर्तन धोने के लिए पानी नहीं मिला। यहां तक कि सुबह टॉयलेट तक में पानी नहीं बचा था।
नगर पालिका के जलकल विभाग के अवर अभियंता विशाल तोमर ने बताया कि टीचर्स कालोनी में पेयजल पाइप लाइन लीकेज हो गई थी। पाइप लाइन की मरम्मत के दौरान पेयजल आपूर्ति बंद रही। शाम को पांच बजे से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई है। ईओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि लीकेज ठीक कर आपूर्ति चालू कर दी गई है।
पुरानी पाइप लाइन नहीं झेल पा रही पानी का प्रेशर
शामली। शहर की पाइप लाइन बहुत पुरानी हो चुकी है। कई मोहल्लों में 40 साल तो कई में इससे भी पुरानी पाइप लाइन पड़ी हुई जो जर्जर हो गई है। शहर में छोटे-बड़े 39 नलकूपों से रोजाना 35 से 40 हजार किलो लीटर पेयजल की आपूर्ति की जाती है। नलकूपों से सीधे पानी की आपूर्ति होने से पाइप लाइन में प्रेशर बनने के कारण लीकेज हो जाता है। पाइप लाइन इंटरकनेक्ट होने के कारण अगर बड़ा लीकेज हो जाए तो शहर की पूरी पेयजल आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। बड़े लीकेज को ठीक मरने में समय भी ज्यादा लगता है। पहले भी कई बार पाइप लाइन लीकेज होने की समस्या सामने आ चुकी है।
बोले टीचर कालोनीवासी
- कालोनी में दो दिन तक पालिका का पानी नहीं आया। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत ज्यादा होती है। ऐसे में पानी न मिलने से परेशानी बनी रही। कपड़े धोने से लेकर रसोई की जरूरत के लिए भी पानी नहीं मिला। - राजीव तोमर।
पालिका की पेयजल पाइप लाइन लीकेज के कारण दो दिन से पानी नहीं आ रहा। न कपड़े धुले, न नहाने को पानी मिला। हैंडपंप से जैसे-तैसे पीने का पानी और रसोई का काम किया। पालिका की तरफ से पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। - रेनू देवी।
कालोनी में दो दिन से ज्यादा समय से पानी नहीं आ रहा है। गरमी में पानी के बिना क्या हाल होगा, यह तो खुद ही सोच लो, लेकिन पालिका की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया। हैंडपंप से दूर से पानी लाकर काम चलाना पड़ा। - जगमेर सिंह।
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दो दिन से तो पालिका का पानी नहीं आया। हैंडपंप का पानी खराब है। थोड़ी देर रखने के बाद पीला हो जाता है। उस पानी को पी नहीं सकते। हैंडपंप से पानी लाकर बर्तन आदि ही साफ किए गए। पालिका ने पानी के टैंकर की भी व्यवस्था नहीं की। - ओमकारी देवी।
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