शामली। जिले में डेंगू के साथ-साथ कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। 64 दिन बाद कोरोना ने जिले में फिर दस्तक दी है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही सेहत के लिए भारी पड़ सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू और कोरोना दोनों से बचाव के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है।
दिसंबर माह में भले ही ठंड बढ़ रही हो, लेकिन मच्छर कम नहीं हो रहे हैं। इस वजह से मच्छर जनित रोग खासतौर से डेंगू के केस सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही वायरल और टायफायड बुखार के मरीज भी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। डेंगू के साथ अब कोरोना संक्रमण का खतरा भी मंडराने लगा है। जिले में 64 दिन बाद गांव आदमपुर में प्राइवेट शिक्षक कोरोना पॉजिटिव मिला है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सफल कुमार ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए लोगों को अभी से सावधानी बरतनी चाहिए। अगर किसी भी तरह का कोई लक्षण नजर आता है तो उसकी जांच कराएं।
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कोरोना से बचाव के लिए ये करें
- भीड़ में जाने से बचें और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क लगाएं।
- साबुन व सैनिटाइजर से बार-बार हाथ साफ करें।
- कोई लक्षण नजर आने पर कोरोना की जांच कराएं।
- सोशल डिस्टेंस का पालन करें।
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डेंगू से बचाव के लिए ये करें
- घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
- मच्छरों को पनपने से रोकने को पानी इकट्ठा न होने दें।
- फ्रिज की ट्रे का पानी सप्ताह में निकालकर साफ करें।
- घरों की छतों पर बेकार पड़ी वस्तुओं व गमलों में पानी जमा न होने दे।
- सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छरों के काटने से बचाव के तरीके अपनाएं।
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जिले में 11 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि
डेंगू के केस बढ़कर 290 हुए, छह सैंपलों की रिपोर्ट लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में 11 और मरीजों के सैंपल की एलाइजा जांच की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब डेंगू के केस बढ़कर 290 हो गए हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जनपद के 11 और मरीजों के सैंपलों की एलाइजा जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। इससे पहले जिले में 279 डेंगू के केस मिले थे। अब डेंगू के केस की संख्या बढ़कर 290 हो गई है। उन्होंने बताया छह मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए जिन गांवों में बुखार के मरीजों की सूचना मिलती है, वहां पर स्वास्थ्य टीम पहुंचकर गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। गांव में शिविर लगाकर बुखार के मरीजों की जांच कर उपचार किया जा रहा है। डेंगू के संदिग्ध केस मिलने पर एलाइजा जांच के लिए सैंपल मुजफ्फरनगर भेजे जाते हैं।
एक हजार को लगे टीके, 170 की हुई जांच
कांधला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में आठ स्थानों पर कोरोनारोधी वैक्सीन कैंप लगाकर टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही कोरोना के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामवीर ने बताया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जनमानस को कोरोना निरोधक टीकाकरण के लिए जागरूक किया गया। आठ स्थानों पर 1000 लोगों को कोरोनारोधी टीके लगाए और स्वास्थ्य केंद्र पर 170 लोगों की कोरोना जांच की गई। सभी लोगों से कोरोना के प्रति जागरूक करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने व मास्क का प्रयोग करने की भी अपील की गई। संवाद