कैराना में मकान की दीवार पर लिखा फोन नंबर और बंद पड़ा मकान, जिस पर लिखा है यह मकान बिकाऊ है। (फाइल फोटो)
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कैराना। पलायन की जांच अभी तक जारी है। बृहस्पतिवार को मेरठ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ने कैराना में आकर पलायन करने वाले लोगों की सूची ली और इससे जुड़े हुए तमाम कागजात जुटाए। उन्होंने सुन्हेटी प्रकरण और व्यापारियों की हत्या के मामले में भी जानकारी हासिल की।
छह माह पूर्व भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना से 346 परिवारों के पलायन की बात कह कर राजनीति में भूचाल ला दिया था। कैराना पलायन का सच जानने के लिए जहां पूरे देश की प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया ने महीनों तक कैराना में डेरा डाले रखा था, वहीं भाजपा का संसदीय दल, लखनऊ से संतों के दल के अलावा कई संस्थाओं द्वारा कैराना पहुंचकर पलायन मुद्दे की जांच की थी। उस समय भाजपा ने कैराना पलायन मुद्दे पर सरकार को बुुरी तरह घेरा था। इस मामले में अभी भी जांच चल रही है, इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को मेरठ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरवीर सिंह कैराना कोतवाली पहुंचे।
उन्होंने कोतवाली में भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा जारी की गई परिवारों की सूची की फोटो कॉपी ली। इसके अलावा उन्होंने 16 अगस्त 2014 को रंगदारी नहीं देने के कारण दिन दहाड़े व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष विनोद कुमर सिंघल की हत्या, इसके आठ दिन बाद 24 अगस्त 2014 को दिन दहाडे़े व्यापारी भाइयों राजेंद्र उर्फ राजू, शिवकुमार उर्फ शंकर की हत्या से जुड़े कागज आदि की फोटो कॉपी हासिल की। साथ ही भाजपा सांसद हुकुम सिंह द्वारा अप्रैल 2016 में अकबरपुर सुन्हेटी निवासी गुड्डी कश्यप के अपहरण, दुराचार के बाद हत्या के मामले को पलायन से जोड़ कर उछाला गया था।
गुड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने दूसरे समुदाय के दो आरोपियों को जेल भेज दिया था। जबकि हत्यारोपियों के बयानों पर विश्वास करते हुए पुलिस ने गुड्डी के परिवार के तीन लोगों को भी मामले में आरोपी बना दिया था। पलायन मामले पर जांच करने पहुंचे क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ने गुड्डी हत्याकांड से जुड़ी सारी जानकारियां भी एकत्र की। बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगे जाने के मामलों की भी जांच की गई। इंस्पेक्टर हरबीर सिंह ने बताया कि उन्हें कैराना पलायन और पलायन से जुड़े सभी मामलों की जांच करने के निर्देश मिले हैं। उक्त सभी मामलों की जांच करने के बाद रिपोर्ट उचाधिकारियों को भेजी जाएगी।