शामली सीएचसी में बेहोशी की हालत में पड़ीं महिलाएं।
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शामली। जिला अस्पताल में महिलाओं की नसबंदी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां महिलाओं को ओटी में बुलाकर आपरेशन की तैयारी तो शुरू कर दी गई। मगर उसी समय लैप्रोस्कोप मशीन खराब होने के कारण आपरेशन की प्रक्रिया अधर में अटक गई। इसके चलते कई महिलाएं घंटों तक ओटी में बेहोशी की हालत में पड़ी रहीं। होश में आने के बाद उन्हें घर भेजा गया। यदि आपरेशन से पूर्व ही इन व्यवस्थाओं को परख लिया होता तो यह हालात सामने न आते।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में नसबंदी कराने के लिए कैराना, झिंझाना, थानाभवन आदि ब्लाकों से कई महिलाएं पहुंची थीं। दोपहर करीब दो बजे सभी महिलाओं का नसबंदी का आपरेशन होना था। चिकित्सकों ने आपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। आपरेशन से पूर्व महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया और उन्हें ओटी भेजा गया। लेकिन जैसे ही आपरेशन की प्रक्रिया शुरू की गई तो लैप्रोस्कोप मशीन की लाइट सोर्सिंग में तकनीकी दिक्कत आ गई। इसके चलते आपरेशन बीच में ही रोकना पड़ा। घंटों तक महिलाएं बेसुध हालत में ओटी में पड़ी रहीं।
गनीमत रही कि आपरेशन के बीच में ही यह दिक्कत नहीं आई। होश में आने के बाद महिलाओं को घर लौटा दिया गया। इस हालात से गुस्साई महिलाओं ने चिकित्सीय स्टाफ को खूब खरी-खोटी सुनाई। यहां पहुंची महिलाओं रोशनी केरटू, सुनिता बंतीखेडा, मीना काला माजरा, पार्वती फतेहपुर, पूनम कंडेला, बबीता कैराना आदि ने कहा कि आपरेशन से पहले पूरे इंतजाम देखने चाहिए थे। यदि आपरेशन के दौरान कुछ हो जाता तो क्या होता। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सूत्रों जनवरी माह में भी तीन दिन तक कुछ दवाएं खत्म होने के कारण महिलाओं को नसबंदी किए बिना ही लौटा दिया गया था।