शामली। पाकिस्तान और खालिस्तानी का जिले से कनेक्शन मिलने का पूर्व में कई बार खुलासा हो चुका है। अवैध हथियारों की तस्करी और जाली करेंसी के मामलों को लेकर कैैराना पहले भी चर्चाओं में रहा है।
2018 में झिंझाना थाने की चौसाना चौकी क्षेत्र में सिपाही व होमगार्ड पर हमला कर दोनों की राइफलें लूट ली गई थीं। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों के संबंध खालिस्तानी संगठन से होने का पुलिस ने खुलासा किया था। करीब दो साल पहले एटीएस ने गांव गोगवान जलालपुर निवासी दो लोगों को पिस्टल और तमंचे के साथ पकड़ा था। उस समय एटीएस ने खालिस्तानी मॉड्यूल को हथियार सप्लाई करने का खुलासा किया है। करीब चार साल पहले अटारी बॉर्डर पर गांव पंजीठ निवासी व्यक्ति अवैध पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था। 2018 में कस्बा कैराना निवासी युवक को जींद में सीआइए ने पांच हथगोले और पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। 2018 मेें गांव तितरवाड़ा निवासी दो लोग फरीदाबाद व दिल्ली में अवैध पिस्टलों व मैगजीन के साथ पकड़े गए थे। 2014 में पाकिस्तान से जूसर मिक्सर में पाकिस्तान से पिस्टल छिपाकर लाते हुए अटारी बार्डर पर कांधला, कैराना और जलालाबाद के पांच लोग पकड़े गए थे।
कस्बा कैराना निवासी कई साल पहले पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा अप्रैल 2018 में शामली समेत कई प्रमुख स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी का डाक से मिला पत्र जम्मू-कश्मीर के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के एरिया कमांडर मैसूर अहमद के नाम से भेजा गया था।
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विदेशी लोगों की भी शरणस्थली रहा जनपद
शामली में बाहरी लोगों के भी छिपे होने के कई मामले सामने आए। तीन साल पहले कस्बा जलालाबाद में अवैैध रूप से रह रहे म्यांमार निवासी चार युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 2015 में थानाभवन में बांग्लादेशी यामीन के अवैध रूप से रहने का खुलासा होते ही वह फरार हो गया था, जिसका आज तक पता नहीं चल सका। कस्बा कैराना में परिवार के साथ वीजा पर आया पाकिस्तानी नवेद भी गायब हो गया था। उसका भी पता नहीं चल सका।