प्राइवेट स्कूलों में फीस ,ड्रेस और कोर्स आदि कई मामलों पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने जनपद के स्कूल संचालकों के साथ बैठक ली। स्कूल संचालकों ने तर्क किए कि वह नियमानुसार ही फीस वृद्धि कर रहे हैं। डीआईओएस ने संचालकों से कहा कि पांच साल से पहले वे ना तो स्कूल की ड्रेस बदलें और ना ही कोर्स।
शहर के सरतीदेवी राजाराम स्कूल में हुई इस बैठक में फीस वृद्धि के मसले पर डीआईओएस ने जानकारी ली। स्कूल संचालकों ने अपना पक्ष रखा। बीएसएम स्कूल के संचालक सूर्यवीर सिंह के अनुसार जिले के स्कूलों ने नियमानुसार फीस और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक दोनों मिलाकर 8 से 9.6 प्रतिशत वृद्धि ही जिले के स्कूलों ने की है। मुजफ्फरनगर में शामली से ज्यादा व़ृद्धि हुई है वह भी नियमानुसार सही है। संचालकों का कहना था कि कुछ लोग बेवजह बिना तथ्य और सबूतों के बिना शिकायतबाजी करते हैं। कोई अभिभावक शिकायत नहीं करता। डीआईओएस ने संचालकों से कहा कि वे फीस संबंधी नियमों का पालन करें। किसी भी दशा में नियमों के अधिक फीस बढ़ोतरी ना करें। उन्होंने कहा कि नियमानुसार कोई भी स्कूल पांच साल से पहले ना तो अपने यहां ड्रेस चेंज करेगा और ना ही कोर्स बदला जाएगा। डीआईओएस के अनुसार संचालकों द्वारा दिए गए तथ्यों के अनुसार जिले में फीस बढ़ोतरी का मानक सही है, लेकिन फिर भी स्कूल संचालकों के पिछले तीन साल के स्कूल फीस आदि के रिकार्ड की जांच की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित हुई है। कमेटी जांच के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। हालांकि उनके पास किसी भी स्कूल के बारे में किसी अभिभावक द्वारा कोई शिकायत भी नहीं की गई है। बैठक में इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा ,सिल्वर बेल्स स्कूल से अजय संगल, अतुल संगल, स्कॉटिस इंटरनेशनल स्कूल से राजीव गर्ग, डीसेंट झिंझाना से ऋषिपाल सिंह, सरती देवी राजाराम स्कूल की प्रिंसीपल मधु शर्मा आदि मौजूद रहीं।