कैराना। हिंदुओं के पलायन का मुद्दा आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा का हथियार बना सकता है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को कैराना की हकीकत जानी। जहां भी गए, वहीं से खौफ में जीने का दर्द सामने आया।
भाजपा सांसद बाबू हुकुम सिंह ने देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष कैराना से 346 परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाकर एक राष्ट्रीय बहस को जन्म दे दिया है। बुधवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर आए प्रतिनिधिमंडल ने पलायन की सच्चाई को जानने के लिए पसीना बहाया। छह घंटे तक वरिष्ठ भाजपा नेता पहले से चिन्हित मोहल्ले, कालोनी और गांव में पहुंचे।
पलायन की मजबूरी, अपराधियों के खौफ, एक विशेष समुदाय को मिल रहे सियासी संरक्षण और बेअसर पुलिस प्रशासन की बातें सामने आईं। दोपहर बारह बजे भाजपा विधान मंडल दल के नेता सुरेश खन्ना के नेतृत्व में भाजपा नेताओं की टीम रेता वाला पहुंची। लोगों की बातों में भय और आक्रोश दोनों थे। बेखौफ बदमाशों पर कानून का कोई डंडा नहीं चलता, यह दर्द पीड़ित परिवारों की बातों में छलका।
...10 लाख दे चुका हूं रंगदारी
सोमपाल रोड ने बताया कि वह बदमाशो को 10 लाख की रंगदारी दे चुका है। आठ दिन पहले बदमाशो ने उससे 5 लाख की रंगदारी फिर से मांगी है। उसके परिवार के आठ लोग दहशत के चलते पलायन करके चले गये हैं। सोमपाल ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में पीडित को न्याय नहीं दिलाती।
सिताब सिंह के आवास पर पहुंचकर मृतक व्यापारी राजेन्द्र और शिवकुमार के परिजनो से वार्ता की गई। राजेंद्र और शिवकुमार की हत्या 24 अगस्त 2014 को रंगदारी ना देने पर कर दी गई थी। शिव कुमार के भाई विनीत कुमार और राजेन्द्र के पिता महेश चन्द ने जांच दल से कहा कि हत्यारो ने उनका सब कुछ खत्म कर दिया। टीचर्स कालोनी में बंद मकान के बारे में टीम को बताया गया कि मकान मालिक दहशत के चलते मकान बंद करके बाहर चले गए। सामने ही शिवकुमार का मकान था।
शिवकुमार की वृद्ध माता ने रोते हुए बताया कि उनका सब कुछ बदमाशो ने लूट लिया है। भाजपा नेताओं ने बेगमपुरा स्थित व्यापारी विनोद सिंघल के आवास पर पहुंचकर उनके छोटे भाई वरुण सिंघल से वार्ता की। विनोद सिंघल की 16 अगस्त 2014 को दिन दहाड़े गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। वरुण सिंघल ने बताया कि शासन प्रशासन ने उन्हे केवल आश्वासन ही दिए। चौक बाजार स्थित आत्माराम की परचून की दुकान पर भाजपा नेताओं ने उनसे बात की।
रंगदारी की धमकी मिलने के बाद सोनू कस्बे से पलायन कर गया था। बाद में टीम वैश्य अग्रवाल धर्मशाला पहुंची तथा कस्बे के व्यापारियो की पीडा सुनी। व्यापारियो ने उन्हें बताया कि हम अपनी पीडा शब्दो में नहीं कह सकते। छेडखानी व लूटमार की घटनाओ पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती। टीम ने व्यापारियो से कहा कि उनकी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।
सरकार का कोई नियंत्रण नहीं
भाजपा संचेतक राधा मोहन अग्रवाल ने कहा कि कैराना में प्रदेश सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। भाजपा सांसदों सतीश गौतम, सतपाल सिंह, धर्मेंद्र कश्यप, राघव लखनपाल, भोला सिंह और पूर्व डीजीपी ब्रजलाल ने साफ संकेत दिए कि हिंदुओं के साथ कैराना में दोहरा व्यवहार हो रहा है। एक विशेष समुदाय को पुलिस प्रशासन की खुली छूट है। यह सब सपा सरकार के इशारे के बिना संभव नहीं है। बागपत सांसद एवं मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर सतपाल सिंह ने कहा कि सांसद हुकुम सिंह ने कैराना की जो तस्वीर देश के सामने रखी है, वही सच है।