पांच किसानों को एक करोड़ 19 लाख का मुआवजा
शामली। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की जद में आए गांव के किसानों का मुआवजा बंटना शुरू हो गया है। एक्सप्रेसवे के सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बुधवार को पांच किसानों को एक करोड़ 19 लाख 24 हजार रुपये का मुआवजा बांटा। इससे पूर्व आठ किसानों को तीन करोड़ 83 लाख रुपये का मुआवजा किसानों को वितरण हो चुका है।
दिल्ली के अक्षर धाम से लेकर बागपत के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेेसवे से बागपत-मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुुर से होते हुए देहरादून तक छह लेन का ग्रीन फील्ड इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। लोकसभा चुनाव 2024 से पूर्व इस एक्सप्रेसवे का निर्माण का लक्ष्य भारत सरकार द्वारा दिया जा चुका है। विधानसभा चुनाव 2022 से पूर्व दिसंबर माह में इस एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिलान्यास किया जाना प्रस्तावित है। जिले के अफसर भी दिसंबर से पूर्व किसानों को मुआवजा वितरित करके भूमि का अधिग्रहण करना चाहते हैं। हालांकि दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे की जद में किसान संघर्ष समिति सर्किल रेट बढ़ाकर नया मुआवजा दिए जाने की मांग कर रही है।
एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि इकनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का मुआवजा बंटना शुरू कर दिया है। बुधवार को पांच किसानों को एक करोड़ 19 लाख 24 हजार 953 रुपये किसानों को दिए गए हैं। इससे पूर्व आठ किसानों को तीन करोड़ 83 लाख रुपये का मुआवजा बांटा चुका है। शामली जिले के 22 गांवों में 458 करोड रुपये का कुल मुआवजा का आंकलन किया गया है। इन गांवों में चकबंदी में शामिल लांक-लिसाढ़ गांव के किसानों को मुआवजा शामिल है। जो किसान मुआवजा लेना चाहता है, वह अपना आधार कार्ड बैंक एकाउंट नंबर, भूमि के दस्तावेज खसरा और खतौनी लेकर उनसे मिल सकते हैं।