शामली में रोडवेज बस अड्डे पर बस में चढ़ते यात्री । संवाद
शामली। भाई दूज के दूसरे दिन भी ट्रेनों और रोडवेज बसों में सवारियों की मारी-मारी रही। सवारियों को भाई दूज से अगले दिन भी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवहन निगम के इंतजाम भी फेल हो गए। यह आलम रहा है कि जैसे ही रोडवेज की बसें आकर रुकती, तो सवारियाें से देखते ही देखते फुल हो जाती। निगम की बसों को शहर में मेरठ रोड, रेलपार बाईपास गुरुद्वारे तक पहुंचने में ज्यादा समय लगा।
दीपावली, गोवर्धन के बाद बृहस्पतिवार को भाई दूज का पर्व मनाए जाने के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी ट्रेनों और रोडवेज बसों में सवारियों की भीड़ सुबह से ही उमड़ पड़ी। रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से सवारियों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई थी। बस अड्डे में सवारियां बसों की इंतजार में बैठी रही। समय पर बस न आने से बस अड्डे के बाहर आकर सड़क पर सवारियों का इंतजार करना पड़ा।
दिल्ली- सहारनपुर, मेरठ- करनाल और मुजफ्फरनगर से यूपी रोडवेज और हरियाणा राज्य परिवहन की बस आते ही सवारियों से फुल हो जाती। हालत ये रही कि बसो में बैठने के लिए सवारियों को खिड़की में सामान रखने और बच्चों को बैठाना पड़ा। सीटों को लेकर भी यात्रियों के बीच आपाधापी मची रही।
शामली बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि भाई दूज के अगले दिन सुबह से लेकर शाम तक बृहस्पतिवार को सवारियों की भीड़ निकली है। सवारियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज बसों की 38 बसों के 150 फेरे बढ़ाए गए हैं।
निगम की बसों के फेरे बढ़ने से अच्छी खासी सवारियां बढ़ी है। बृहस्पतिवार को छह लाख 80 हजार रुपये रुपये की आय हुई है। शुक्रवार को यह बढ़कर सात लाख 50 रुपये आय होने की संभावना है।
शामली से गुजरने वाली 168 बसों की संख्या-
सहारनपुर- 44 बसें
मुजफ्फरनगर- 26 बसें
बडौत- 15 बसें
करनाल- 15 बसें
पानीपत- 60 बसें
मेरठ- 28 बसें