शामली। शासन ने किसानों को राहत दी है। अब किसान 100 क्विंटल तक गेहूं बिना सत्यापन के बेच सकेंगे। इससे उन्हें सत्यापन में होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा। साथ ही गेहूं की खरीद अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जनपद में गेहूं खरीद के लिए 30 खरीद केंद्र खोले गए हैं। 17 मार्च से गेहूं की खरीद शुरू हुई है लेकिन अब तक केवल लगभग 200 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। सरकारी क्रय केंदाें पर गेहूं बेचने के लिए किसानाें को अपने खेत की पैदावार को सत्यापन कराना पड़ता है। इसकी प्रक्रिया जटिल होने की वजह से किसान अपनी फसल खुले बाजार में बेचना ज्यादा मुफीद मानते हैं।
बाजार में उन्हें समर्थन मूल्य से अधिक कीमत भी मिल जाती है। सरकार जो गेहूं खरीदती है उसे राशन में वितरण कराती है, यदि पर्याप्त मात्रा में गेहूं खरीद नहीं हो तो राशन के लिए बाहर से गेहूं की खरीद करनी पड़ती है। बताया जा रहा है कि खरीद को बढ़ाने के लिए सरकार ने किसानों को सत्यापन में छूट दी है।
अब किसान 100 क्विंटल तक गेहूं बिना सत्यापन के ही बेच सकेंगे। उनको अपने गेहूं के सत्यापन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। आसानी से गेहूं की बिक्री कर सकेंगे।