शामली। कैराना पलायन प्रकरण की जांच करने के लिए केंद्रीय मानवाधिकार आयोग की चार सदस्यीय टीम ने कैराना में डेरा डाल दिया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से पलायन की जांच संबंधी दस्तावेज लेने के साथ ही भाजपा सांसद से पलायन करने वालों की सूची लेकर नए सिरे से जांच की जाएगी। उक्त टीम को तीन दिन में जांच रिपोर्ट आयोग के चेयरमैन को सौंपनी होगी।
पलायन प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा ने केंद्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद ही मानवाधिकार आयोग ने प्रकरण की जांच करने के लिए टीम का गठन किया। उक्त टीम में डिप्टी एसपी रवि सिंह, सरोज तिवारी, अरुण कुमार और सुमन कुमारी सोमवार सुबह ही शामली पहुंचे।
थानाभवन चीनी मिल के गेस्ट हाउस में उन्होंने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की तथा पलायन प्रकरण में प्रशासन की ओर से कराई गई जांच के दस्तावेज लिए। इसके बाद मायापुर फार्म हाउस पहुंचकर भाजपा सांसद हुकुम सिंह से मुलाकात कर पलायन करने वाले 346 लोगों की सूची ली।
करीब एक घंटा तक वह भाजपा सांसद के आवास पर रहे। इसके बाद कैराना की तरफ रवाना हो गए। टीम को लीड कर रहे डिप्टी एसपी रवि सिंह ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जांच करके तीन दिन में आयोग के चेयरमैन को रिपोर्ट सौंपेंगे। जांच पूरी होने तक वह कैराना में ही रहेंगे। भाजपा सांसद ने जो सूची उपलब्ध कराई है, उसे डोर टू डोर जाकर तस्दीक करेंगे तथा लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
व्यापारियों और महिला की हत्या के कागजात लिए
पलायन प्रकरण के साथ ही मानवाधिकार आयोग की टीम ने अकबरपुर सुन्हेटी की महिला की हत्या तथा कैराना के तीनों व्यापारियों की हत्या से संबंधित पुलिस की विवेचना के कागजात भी जांच के लिए पुलिस से लिए हैं। माना जा रहा है कि पलायन प्रकरण के साथ ही इन केसों में भी पुलिस की विवेचना को लेकर जांच होगी कि उनमें पुलिस ने क्या किया।