शामली। निपुण भारत मिशन के तहत परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक व दो के बच्चों का निपुण आंकलन किया जाएगा। एप के माध्यम से यह आकलन 27 जनवरी से डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा किया जाएगा। बीएसए ने पिछले वर्ष की तरह ही प्रधानाध्यापकों को बच्चों पर मेहनत करने के निर्देश दिए हैं।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक और दो के बच्चों की बुनियादी शैक्षिक दक्षताओं का आकलन अब निपुण अभियान के तहत किया जाएगा। जनपद में 27 जनवरी से निपुण आकलन की शुरुआत होगी, जो फरवरी माह तक चलेगा। इसके माध्यम से बच्चों की भाषा और गणित की समझ को परखा जाएगा, ताकि यह जाना जा सके कि वे अपनी कक्षा के अनुरूप सीखने के लक्ष्य हासिल कर पा रहे हैं या नहीं। निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे इस आकलन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी समझ में दक्ष बनाना है। आकलन के दौरान कक्षा एक के बच्चों की अक्षर पहचान, शब्द पढ़ने और सरल वाक्य समझने की क्षमता को परखा जाएगा।
वहीं कक्षा दो के बच्चों को छोटे अनुच्छेद पढ़ने, प्रश्नों के उत्तर देने और सरल गणितीय गणनाओं की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा। गणित दक्षता के अंतर्गत बच्चों से गिनती, जोड़-घटाव के साथ-साथ नोटों की पहचान भी कराई जाएगी। आकलन में डीएलएड के प्रशिक्षुओं की अहम भूमिका रहेगी। प्रशिक्षु विद्यालयों में जाकर बच्चों का आकलन करेंगे और प्राप्त आंकड़ों को ऑनलाइन एप पर अपलोड करेंगे। इससे शासन स्तर पर बच्चों की शैक्षिक स्थिति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सकेगी और कमजोर क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी लता राठौर ने बताया कि प्रत्येक प्रशिक्षु एक दिन में दो विद्यालयों का आकलन करेगा। प्रत्येक कक्षा से केवल 12 बच्चों के नाम एप में प्रदर्शित होंगे। जिन बच्चों के नाम सूची में होंगे, उन्हीं का आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आकलन के लिए सभी तैयारियों को पूरा किया जा रहा है। बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को स्कूल खुलते ही पहले वर्ष की तरह ही मेहनत कराते हुए जनपद का नाम टॉप टेन की सूची में लाने के निर्देश जारी किए।