शामली। पहले कोरोना और फिर विधानसभा चुनाव की वजह से यूपी बोर्ड परीक्षा एक माह से भी अधिक देरी से शुरू होगी। परीक्षा देर से होने की वजह से माध्यमिक विद्यालयों में नया शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू नहीं हो पाएगा और नए दाखिले भी प्रभावित होंगे। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का मानना है कि नया शैक्षिक सत्र जुलाई से ही पटरी पर आ पाएगा।
कोरोना की वजह से कालेजों में ऑफलाइन शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। ऑनलाइन कक्षाएं चली जरूर लेकिन उसका ज्यादा लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पाया। फरवरी में कोरोना संक्रमण कम होना शुरू हुआ तो विधानसभा चुनाव शुरू हो गए। अब दस मार्च को मतगणना है। मतगणना में भी शिक्षकों की ड्यूटी रहेगी। अभी तक बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की है। सीबीएसई ने 26 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू करने की तारीख घोषित की है। कुल मिलाकर देखा जाए तो कोरोना और विधानसभा चुनाव की वजह से नया शैक्षिक सत्र समय से शुरू नहीं हो पाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र शुरू करने के निर्देश हैं, लेकिन इस महीने में शैक्षिक सत्र शुरू नहीं हो पाएगा। इसकी वजह अप्रैल माह में बोर्ड परीक्षाएं होना है। बोर्ड परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी होना है। इस वजह से अप्रैल में विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू नहीं होगा। 20 मई को ग्रीष्मकालीन अवकाश हो जाएगा। इन्हें देखते हुए जुलाई में ही नया शैक्षिक सत्र शुरू हो सकेगा।
आरके इंटर कालेज शामली के प्रधानाचार्य कैप्टन लोकेंद्र सिंह का कहना है कि यूपी बोर्ड ने परीक्षा का कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया है, लेकिन अप्रैल में बोर्ड परीक्षा होने की पूरी संभावना है। जब परीक्षा होगी तो शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सकता। नए एडमिशन भी नहीं हो पाएंगे। इस तरह से एक महीना शिक्षण कार्य प्रभावित रहेगा। वीवी इंटर कालेज शामली के प्रवक्ता डॉ. अनुराग शर्मा का कहना है कि एक अप्रैल से नया शैक्षिक सत्र में शिक्षण कार्य शुरू होना मुश्किल है। इस महीने में बोर्ड परीक्षा होगी। 20 मई से विद्यालयों में छुट्टी होती है। जुलाई में ही सही तरीके से एडमिशन और शिक्षण कार्य शुरू हो सकेगा।
विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने की चुनौती
इस बार इंटर की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के सामने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना भी चुनौती बना है। अप्रैल माह में सीबीएसई व यूपी बोर्ड की परीक्षा होगी। इसी महीने में जेईई मेंस की परीक्षा होगी। इसके अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं भी शुरू होंगी। विद्यार्थियों के सामने बोर्ड परीक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी पड़ रही है। विद्यार्थी रजनीश और अनुभव ने बताया कि उसकी 12वीं की बोर्ड परीक्षा है। साथ ही अप्रैल में जेईई मेन्स की परीक्षा है। पहले प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने के लिए पूरा समय मिलता था। इस बार दोनों परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ रही है।