विधायक नाहिद हसन से गाड़ी के कागजात दिखाने को लेकर हुए विवाद को लेकर बनी टकराव की स्थिति भाकियू सुप्रीमो की मध्यस्थता से पांच दिन तो टल गई है, लेकिन गाड़ी और कागजातों के अभाव में इस केस की विवेचना अटक गई है। लिहाजा समय अवधि बीतने के बाद पुलिस विधायक नाहिद हसन को कोई रियायत देने के मूड में नहीं है। एसपी ने कहा है कि यदि तय समय में गाड़ी और कागज नहीं आते तो पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है।
दरअसल इस प्रकरण में दर्ज मुकदमे में सबसे अहम कड़ी वो संदिग्ध नंबर वाली गाड़ी है, जिस पर विधायक पर केस दर्ज हुआ है। पूरी जांच और केस इसी गाड़ी पर टिका है। पुलिस के पास ना तो गाड़ी के कागज है और ना गाड़ी। कागजात ना होने की स्थिति में पुलिस गाड़ी के चेसिस नंबर आदि से भी पता कर सकती है कि ये गाड़ी किस कहां बनी है और किस शोरूम से निकली है ,लेकिन दोनों ही चीजें पुलिस के पास नहीं है।
ऐसे में इनके बिना पुलिस की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती । पुलिस भी जानती है जांच में जितना विलंब होना उतना फायदा आरोपी पक्ष उठा सकता है। लिहाजा अब इस केस में पांच दिन के बाद विधायक पक्ष को समय सीमा देने के मूड में नहीं है।