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यूपी: धमकी के डर से ग्राम प्रधान ने घर छोड़ा, चिपकाया पोस्टर, परिवार समेत पहुंचा पुलिस लाइन

Tue, 17 Sep 2019 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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अब्दुल्लापुर में ग्राम प्रधान - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के सहारनपुर में दो साल पूर्व विधानसभा चुनाव से बनी रंजिश में ग्राम प्रधान ने विपक्षियों पर धमकी देने का आरोप लगाया है। प्रधान का कहना है कि विपक्षी आते जाते उसका रास्ता रोकते हैं और गांव छोड़कर जाने की धमकी देते हैं। शिकायतों के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। सोमवार को पीड़ित प्रधान अपने घर का सामान ट्रैक्टर ट्राली में लादकर परिवार सहित पुलिस लाइन पहुंच गया। पुलिस ने प्रधान को सुरक्षा देने का भरोसा देकर वापस भेजा। 

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चिलकाना क्षेत्र के ग्राम अब्दुल्लापुर के प्रधान प्रवीण कुमार ने बताया कि 2017 में गांव के ही कुछ लोगों ने विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं करने पर उनके साथ मारपीट की थी। इस मामले में सात लोगों के खिलाफ चिलकाना थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तारी का डर सताने लगा। 

आरोप है कि दो सप्ताह से आरोपी उसका बार-बार रास्ता रोक कर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और गांव छोड़ने की धमकी दे रहे हैं। गांव न छोड़ने पर गोली मारने की धमकी दी जा रही हैं। एक सप्ताह में आरोपी उसका दो बार रास्ता रोककर धमकी दे चुके हैं। इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आरोपियों का दुस्साहस बढ़ रहा है। इस कारण उसे और उसके परिवार को जान माल का खतरा बना है। जान बचाने के लिए परिवार सहित गांव छोड़कर आ गया है। 

उधर, ग्राम प्रधान के परिवार सहित गांव छोड़कर पुलिस लाइन पहुंचने की सूचना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सीओ सदर रजनीश उपाध्याय, सदर कोतवाली प्रभारी पंकज पंत एवं खुफिया विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने उसे समझाने एवं सुरक्षा देने का आश्वासन दिया। 

घर पर चिपकाया पोस्टर 
प्रधान प्रवीण कुमार ने रविवार को अपने घर के बाहर पलायन करने की सूचना चस्पा कर दी। जिसमें लिखा है कि दबंगों के दबाव में ग्राम अब्दुल्लापुर के प्रधान परेशान होकर अपना गांव छोड़ रहे हैं। इसकी सूचना जब पुलिस को लगी तो पुलिस प्रधान के घर पहुंची और उसे समझाया, उसे सुरक्षा का आश्वासन दिया।
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घर की दीवार पर लगाया गांव छोड़ने का पोस्टर - फोटो : अमर उजाला
गांव के दो पक्षों का विवाद है, मेरा कोई वास्ता नहीं : आयुष मंत्री
आयुष राज्य मंत्री धर्मसिंह सैनी का कहना है कि ग्राम प्रधान और गांव के लोगों के बीच विवाद का मामला है, उसमें उनका कोई वास्ता नहीं है। पुलिस प्रशासन अपना कार्य कर रहा है, मैंने किसी भी पक्ष के लिए पुलिस प्रशासन से कोई सिफारिश नहीं की और न किसी का विरोध किया। दोनों ही पक्ष हमारे लिए बराबर हैं। बेवजह इसे चुनावी विवाद बताया जा रहा है।

धांधली की शिकायत को दबाने के लिए किया यह नाटक
ग्राम अब्दुल्लापुर के प्रधान प्रवीण द्वारा लगाए गए आरोपों पर दूसरे पक्ष के जगपाल, जयवीर, अंशुल, आशु और मोनू का कहना है कि ग्राम प्रधान गांव में हुए विकास कार्यों में धांधली कर रहा था। जिसकी उन्होंने शिकायत कर दी थी। उसी मामले को दबाने के लिए प्रधान द्वारा गांव छोड़कर जाने का नाटक रचा है। प्रधान या उसके परिवार के किसी सदस्य को किसी प्रकार की धमकी नहीं दी, धमकी देने का आरोप गलत है। 

प्रधान को पूरी सुरक्षा दी जाएगी : सीओ 
सीओ सदर रजनीश कुमार उपाध्याय का कहना है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी लग चुकी है। ग्राम प्रधान अपने सामान और परिवार सहित पुलिस लाइन पहुंचा है। जिसे समझा बुझाकर गांव में भेजा जा रहा है। प्रधान को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

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