हरियाणा में जाने से रोका यूपी का गेहूं
शामली/चौसाना। हरियाणा के करनाल मंडी में गेहूं लेकर जा रहे जिले के किसानों का गेहूं सीमा पर रोक दिया गया। सुबह करीब चार बजे से किसान गेहूं लदे वाहन लिए सीमा पर खड़े रहे। हरियाणा पुलिस की उनसे काफी नोकझोंक भी हुई। गेहूं लदे वाहनों के रोके जाने की सूचना पर बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे भाकियू कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पुलिस से वार्ता की। इसके बाद पुलिस ने अपना रुख बदला, तब कहीं जाकर किसान अपना गेहूं मंडी तक लेकर गए।
एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। जिले में 30 खरीद केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन हरियाणा सीमा से सटे ऊन, झिझाना क्षेत्र के कमालपुर, केरटू, अबदाननगर, टोडा, सूबरी, ऊदपुर, खोड़समा, बल्ला मजरा, चौसाना सहित कई गांवों के किसान अपना गेहूं हरियाणा की करनाल मंडी में बेचते हैं। ये किसान आढ़तियों को गेहूं की बिक्री करते हैं। बताया जाता है कि किसान पहले से ही आढ़तियों से एडवांस लिए रहते हैं। बुधवार सुबह चार बजे क्षेत्र के गांवों के किसान गेहूं लेकर करनाल मंडी में जा रहे थे, जिन्हें हरियाणा पुलिस ने बिड़ौली पुल पर रोक दिया। इसे लेकर किसानों की पुलिस ने नोकझोंक भी हुई।
हरियाणा पुलिस ने ऊपर से आदेश बताते हुए किसानों को गेहूं ले जाने से इंकार कर दिया। गेहूं लदे वाहनों के कारण मेरठ-करनाल हाईवे पर जाम के हालात बन गए। बिडौ़ली पुल के दोनों तरफ करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दोपहर में करीब 12 बजे भाकियू कार्यकर्ता अरविंद कुमार, मास्टर मोहर सिंह, किशन पाल, सचिन, राजपाल, सागर आदि मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस से गेहूं रोकने का कारण पूछा, तो उन्हें केवल इतना बताया गया कि हरियाणा प्रशासन ने उत्तर प्रदेश का गेहूं लाने पर रोक लगाई है। इसे लेकर काफी देर तक बहस होती रही। बाद में हरियाणा पुलिस को पीछे हटना पड़ा और किसान अपना गेहूं लेकर करनाल मंडी में पहुंच गए। दोपहर बाद काफी संख्या में किसान अपना गेहूं करनाल मंडी में पहुंचाकर लौटने लगे थे।
सितंबर माह में रोक दिया था धान
शामली। हरियाणा सीमा के गांवों के किसानों के साथ यह समस्या पहले भी आ चुकी है। सितंबर 2020 में जिले के किसानों का धान सीमा पर रोक दिया गया था। इसे लेकर काफी हंगामा हुआ था। बाद में केवल बारीक धान ही हरियाणा ले जाने की अनुमति दी गई थी। मोटा धान ले जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
1975 रुपये क्विंटल ही बिक रहा गेहूं
गेहूं खरीद का सरकारी रेट 1975 रुपये प्रति क्विंटल है। हरियाणा में भी आढ़ती 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद कर रहे हैं। किसान सरकारी खरीद केंद्रों पर होने वाली देरी और परेशानी से बचने के लिए करनाल मंडी में आढ़तियों को अपना गेहूं बेचते हैं। हरियाणा में आढ़तियों के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद होती है तथा आढ़तियों को कमीशन दिया जाता है।
इन्होंने कहा...
डीएम जसजीत कौर का कहना है कि जिले में गेहूं खरीद केंद्र संचालित हैं। किसान अपनी मर्जी से कहीं भी गेहूं की बिक्री कर सकते हैं। हरियाणा प्रशासन ने यदि गेहूं ले जाने पर रोक लगाई है तो इस संबंध में वहां के अधिकारियों से बात की जाएगी।