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ऑनलाइन फसल बेचने के लिए किया प्रेरित

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कैराना में गोभी किसान के बीच पहुचे भाजपा विधायक तेजेन्द्र निर्वाल व सीएससी की टीम - फोटो : SHAMLI
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कैराना। मंडी में गोभी के वाजिब दाम नहीं मिलने से नाराज होकर दो किसानों ने अपनी गोभी की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया था। शनिवार को भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल किसानों से मिलने पहुंचे। उनके साथ मौजूद कॉमन सर्विस सेंटर की टीम ने किसानों को ऑनलाइन फसल बेचने के लिए प्रेरित किया।
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चार दिन पहले मायापुर रोड निवासी किसान रमेश व गांव झाड़खेड़ी निवासी किसान तनवीर ने गोभी की करीब 15 बीघा फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया था। एक दिन पूर्व जिला उद्यान अधिकारी डा. हरित कुमार, नायब तहसीलदार कैराना के साथ अन्य अधिकारियों की टीम किसानों के पास पहुंची थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी है। शनिवार को शामली के भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल कॉमन सर्विस सेंटर की टीम के साथ मायापुर रोड स्थित किसान रमेश के खेत पर पहुंचे।
विधायक ने किसान से गोभी की फसल नष्ट करने का कारण पूछा। विधायक ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानूनों से मंडी में बैठे बिचौलियों को खत्म किया गया है। वे किसानों के खेतों पर यह देखने के लिए आए हैं कि सरकारी तंत्र द्वारा किसानों की फसलों को ऑनलाइन अच्छे दामों पर बिकवाया जा रहा है या नहीं। उन्होंने किसानों को अपनी फसल ई-मार्ट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बेचने के लिए प्रेरित किया।
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दस रुपये किलो बिकी किसान की चार क्विंटल गोभी
कैराना। कॉमन सर्विस सेंटर की टीम ने शुक्रवार को किसान तनवीर की करीब चार क्विंटल गोभी की बिक्री ऑनलाइन कराई। सीएससी की डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तानिया के नेतृत्व में एक टीम किसान रमेश व तनवीर के पास पहुंची थी। टीम ने किसान तनवीर के अन्य खेत पर खड़ी करीब चर क्विंटल गोभी की फसल को सीएससी के माध्यम से किसान ई-मार्ट ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर बिकवाया। इससे फसल 10 रुपये प्रतिकिलो के भाव में बिकी और तुरंत ही गोभी की कीमत के चार हजार रुपये भी किसान के खाते में आ गए।
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ऐसे बिकती हैं ई-मार्ट पर फसल
कैराना। सीएससी की प्रबंधक तानिया ने बताया कि सबसे पहले किसान को ई-मार्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपना आधार कार्ड व बैंक पासबुक अपलोड करनी होती है। बाद में फसल का फोटो खींचकर क्वालिटी के साथ पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। जहां पर खरीदार व किसान सीधे फसल की क्वालिटी के हिसाब से दाम तय करते हैं। दाम तय होने के बाद किसान के खाते में फसल की पूरी कीमत ऑनलाइन भेजी जाती है, जिसके बाद खरीदार किसान के खेत पर ही अपना वाहन भेजकर फसल उठवा लेता है।
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