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लॉकडाउन से मोरना मिल बंद होने के कगार पर

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लॉकडाउन से मोरना मिल बंद होने के कगार पर
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मोरना। लॉकडाउन के चलते ट्रांसपोर्ट की समस्या आ रही है। जिससे मोरना मिल बंद होने कगार पर पहुंच गया है। इससे मोरना क्षेत्र के किसानों के बीच भारी बैचेनी बनी हुई है। वहीं कोल्हुओं के मालिकों के बीच गुड़ बेचने को संकट गहराया हुआ है। किसानों और कोल्हू स्वामियों ने गुड़ मंडी खोलने की मांग की है।
दि गंगा किसान चीनी मिल में प्रतिदिन 25 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। चीनी को तैयार करने के लिए गंधक, चूना उपयोग में लाया जाता है। जिसका स्टाक मात्र दस दिन का शेष रह गया है। मोरना क्षेत्र के कस्बा भोकरहेड़ी, छछरोली, वजीराबाद, मोरना, किशनपुर, ककराला, चौरावाला, भोपा सहित ककरोली क्षेत्र के गांव तेवड़ा, खेड़ी फिरोजाबाद, टंहेड़ा, ढांसरी, बेहड़ा सादात, खाईखेड़ी, खुजेड़ा, जटवाडा में गांवों में कोल्हू स्वामी के बीच भय का वातावरण बना हुआ है, जिसके चलते कोल्हुओं में गन्ना पेराई ना के बराबर हो रही है। कोल्हू स्वामी नरेंद्र, सतीश चौधरी, गुल मोहम्मद, सालिम, सुधीर सहरावत, ब्रह्मसिंह, पहलवान, प्रधान उन्नाव, बबलू सहरावत, नाजिम, सतेंद्र, भूरा ने बताया कि ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण कोल्हुओं में गुड का स्टॉक हो गया है। लॉकडाउन के चलते गुड मंडी में व्यापारियों ने गुड़ खरीदना बंद कर रखा है। गुड़ नहीं बिकेगा, तो किसान को भुगतान नहीं हो सकेगा। यही हालत रही तो गन्ना खेतों में रह जाएगा।
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मोरना मिल प्रबंधक हर्ष वर्धन कौशिक ने बताया कि अभी दस दिन का चीनी तैयार करने के लिए चूना और गंधक शेष बचा हुआ है। इस समास्या से निपटने के लिए गन्ना कार्यालय लखनऊ में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। चूना और गंधक राजस्थान से आयात किया जाता है। लॉकडाउन के ट्रांसपोर्ट बंद होने से बड़ी समास्या बनी हुई है।
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