फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइबर के शातिर बैंक खातों से उड़ा रहे रकम

विज्ञापन
विज्ञापन
साइबर के शातिर बैंक खातों से उड़ा रहे रकम
विज्ञापन

शामली। जिले मेें साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। जिले में साइबर थाना नहीं हैं। साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस कार्यालय में साइबर सेल है। साइबर के अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ऑनलाइन लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। इस साल नौ महीने में जिले के थानों में 53 मामले साइबर अपराध के दर्ज हुए हैं, जिनमें करीब 37 मामले ऑनलाइन धोखाधड़ी कर बैंक खातों से करीब 13 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं।
साइबर सेल और पुलिस आए दिन लोगों को साइबर के शातिरों के झांसे में न आने को लेकर लोगों को जागरूक करती रहती है, लेकिन इसके बाद भी साइबर के शातिर फोन कॉल कर लोगों को झांसे में लेकर बैंक खाते की डिटेल की जानकारी करके, ओटीपी भेजकर या लिंक भेजकर, यूपीआई फ्राड, गूगल पे, डेबिट व क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी कर व अन्य नए-नए तरीकों से ऑनलाइन रकम की ठगी कर लेते हैं। इसका पता लोगों को उस समय चलता है, जब खाते से ऑनलाइन रकम निकाल लेते हैं।
विज्ञापन

इस साल के नौ महीनों में साइबर अपराध से जुड़े 53 मामले जिले के थानों पर दर्ज हुए हैं, जिनमें करीब 37 मामलों में ऑनलाइन बैंक खातों से करीब 13 लाख रुपये निकाले जाने के सामने आए। साइबर सेल ठगी गई रकम में करीब 9.70 लाख रुपये की रकम पीड़ितों को वापस करा चुकी है। इसके अलावा मोबाइल चोरी होने, फर्जी फेसबुक आइडी बनाने, इंस्ट्राग्राम व व्हाटसएप ग्रुप पर गलत पोस्ट करने के भी मामलेे सामने आते रहते हैं। साइबर सेल करीब 19 लाख रुपये कीमत के 135 मोबाइल फोन बरामद करा चुकी है। ठगी करने वाले साइबर के शातिर बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, असम आदि दूर के राज्यों में बैठी कर रहे हैं। पुलिस 15 अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
ये बरते सावधानी:
1- कैश बैक संबंधी लिंक पर कभी भी उसकी सत्यता परखे बिना क्लिक न करें। इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से आपका कीमती डाटा चोरी हो सकता है।
2- लिंक की सत्यता जानने के लिये लिंक को कॉपी करके गूगल पर सर्च करने के बाद उसकी सत्यता आसानी से जान सकते हैं।
3- लालच भरे ऑफर वाले लिंक हमेशा ठगी करने के उद्देश्य से बनाये जाते हैं।
4- लिंक में जिस कंपनी से ऑफर देना बताया जाता है तो उस कंपनी की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर ऑफर की सत्यता को जानें।
5- अंजान व्यक्ति आपको अगर लालच भरा ऑफर भेज रहा है, तो उसके अंदर उसका स्वार्थ निहित रहता है।
6- लालच भरे लिंक पर क्लिक करने के बाद बैंक खाता संबंधी कोई जानकारी भूलकर भी न भरें।
7- फोन कॉल पर किसी के झांसे में न आए और खाता संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
8- अगर लिंक पर क्लिक करने के बाद ठगी के शिकार हो गये हैं तो तुरंत अपने बैंक खाता को डेबिट फ्रीज कराएं और बैक स्टेटमेंट सहित साइबर सेल मेें तुरंत संपर्क करें।
विज्ञापन

कोट
साइबर के शातिर भोले-भाले लोगों को नए-नए तरीके इजाद कर झांसे में लेकर ऑनलाइन रकम बैंक खाते से निकाल लेते हैं। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और बिना सत्यता परखे बिना खाता संबंधी या गोपनीय जानकारी न दें। साइबर अपराध की रोकथाम के लिए लोगों को समय-समय पर जानकारी देकर जागरूक किया जाता है।
- कर्मवीर सिंह, प्रभारी साइबर सेल, शामली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें